
बस्ती (उ. प्र.)। स्कूली बच्चों का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग के द्वारा स्कूली वाहनों की जांच का एक विशेष चैकिंग अभियान 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलाया जा रहा है। इस अभियान की समीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल UPISVMP निर्मित गया है तथा सभी स्कूलों को इस पोर्टल पर ऑनबोर्ड किए जाने के उपरांत उनका निरीक्षण भी किया जा रहा है। इसी क्रम में आज अधोहस्ताक्षरी के द्वारा बस्ती नगरीय क्षेत्र स्थित यूनिक साइंस अकादमी तथा उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी का भ्रमण किया गया तथा स्कूल वाहनों का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान स्कूली वाहनों में सुरक्षा उपकरणों लगे होने की जांच भी की गई। सभी स्कूली वाहनों में सीसीटीवी, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार, स्कूल का नाम, परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप आदि सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य है। जिन वाहनों में उपरोक्त कमियां पाई गई, उनके सुधार के लिए स्कूल प्रबंधन को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त स्कूल वाहन चालकों के साथ वार्ता भी की गई तथा उन्हें सावधानी से वाहन चलाने तथा बच्चों को घर से लेकर वापस सुरक्षित पहुंचाने के संबंध में जागरूक भी किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री महेश कुमार, वरिष्ठ सहायक भी उपलब्ध रहे। सम्भागीय परिवहन अधिकारी फरीदुद्दीन ने कहा है कि समस्त स्कूली वाहन संचालकों से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने सभी स्कूली वाहनों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड करा लें, तथा यदि सुरक्षा उपायों में कोई कमी हो, तो उसे तत्काल पूर्ण करा लें ताकि निरीक्षण के समय कोई समस्या उत्पन्न ना हो।
80 करोड़ की काली कमाई वाले DSP की कई गर्लफ्रेंड, नौकरानी जीती है लग्जरी लाइफ, हुए सस्पेंड
बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज के पूर्व डीएसपी गौतम कुमार को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आर्थिक अपराध इकाई की जांच में गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। डीएसपी के पास 80 करोड़ की चल-अचल संपत्ति होने का पता चला है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार ने अपने नाम के अलावा पत्नी, सास, कई महिला मित्रों और अन्य लोगों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदी थीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। उनकी नौकरानी लग्जरी लाइफ जीती है। 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने किशनगंज, पटना और पूर्णिया समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। छापे के दौरान जांच एजेंसियों को ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि उन्होंने अपनी आय से करीब 60 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित की है। आर्थिक अपराध इकाई उनकी कथित महिला परिचितों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों को खंगाला जा रहा है। इसके लिए टीम किशनगंज के अलावा सिलीगुड़ी, नेपाल सीमा से सटे इलाकों और अन्य संभावित ठिकानों पर साक्ष्य जुटाने में लगी है। जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके संपर्कों और गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

सूत्रों के मुताबिक, DSP के पास सिलीगुड़ी में फ्लैट होने की बात सामने आई है। इन जानकारियों के आधार पर ईओयू की टीम सिलीगुड़ी पहुंच चुकी है और वहां स्थानीय स्तर पर लोगों से पूछताछ कर रही है। किशनगंज में भी टीम सक्रिय है, जहां एक और महिला के नाम पर मौजूद संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है। इसके अलावा, किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल इलाके में संचालित एक होटल मालिक का नाम भी जांच में सामने आया है। अब टीम उसके संबंधों और संभावित संपत्तियों की भी जांच कर रही है। पूरी जांच में नेपाल कनेक्शन भी उभरकर सामने आया है। इस दिशा में भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, अररिया जिले के फारबिसगंज क्षेत्र में जमीन खरीदने और हाल में वहां चहारदीवारी बनवाने की जानकारी मिलने के बाद टीम उस स्थान की भी पड़ताल कर रही है। ईओयू अब इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए कई लोगों से पूछताछ की तैयारी में है। जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके ठिकानों और व्यवसायों का सत्यापन किया जा रहा है। आने वाले समय में इन संदिग्धों से गहन पूछताछ के जरिए बेनामी संपत्तियों के पूरे जाल का खुलासा होने की संभावना है।





