
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को लगभग 4 साल के लंबे इंतजार के बाद पूर्णकालिक (स्थायी) डीजीपी मिल गया है। 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक यानि डीजीपीइ नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले चार सालों में कार्यवाहक डीजीपी के रुप में डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार भी कार्यवाहक डीजीपी रह चुके हैं। आज शासन ने आईपीएस राजीव कृष्ण को स्थाई पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। राजीव कृष्ण एक तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं और वह पहले उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) के डीआईजी भी रह चुके हैं। इनका कार्यकाल जून 2029 तक रहेगा।

राजीव कृष्ण बतौर एएसपी इलाहाबाद बरेली कानपुर अलीगढ़ में एएसपी रहे। एसपी सिटी अलीगढ़ में अक्टूबर 1995 से अगस्त 1996 तक रहे। राजीव कृष्ण का पहला जिला फिरोजाबाद था जहां वह 10 मई 1997 को एसपी फिरोजाबाद बनाए गए। फिरोजाबाद के बाद राजीव कृष्ण इटावा मथुरा फतेहगढ़ बुलंदशहर नोएडा आगरा के एसएसपी रहे। राजीव कृष्ण अकेले आईपीएस अफसर हैं जो दो बार लखनऊ पुलिस के एसएसपी रहे। एक दिसंबर 2006 को राजीव कृष्ण लखनऊ के एसएसपी बने और 16 मार्च 2007 तक तैनात रहे। दूसरी बार राजीव कृष्ण को राजधानी की कमान सौंप गई, जब लखनऊ-कानपुर-मेरठ समेत कई बड़े शहरों में डीआईजी की व्यवस्था लागू हुई तो राजीव कृष्ण को लखनऊ की दोबारा कमान सौंपी गई। उ.प्र. में सीरियल ब्लास्ट के बाद तत्कालीन मायावती सरकार ने जब एटीएस बनाने का ऐलान किया तो राजीव कृष्ण को एटीएस का डीआईजी बनाया गया। बतौर डीआईजी एटीएस राजीव कृष्ण ने यूपी एटीएस को आधुनिक संसाधनों और तकनीक से लैस किया। साल 2012 से 2017 तक भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान बीएसएफ में तैनात रहे। यूपी लौटे तो राजीव कृष्ण को 21 सितंबर 2017 को मुरादाबाद पुलिस अकादमी का एडीजी बनाया गया। इन्हें पांच फरवरी 2018 को लखनऊ एडीजी जोन बनाया गया।
2021 में आगरा जोन के एडीजी बने
लगभग डेढ़ साल अगस्त 2019 तक लखनऊ जोन का एडीजी रहने के बाद लगभग 2 साल फिर राजीव कृष्ण मुरादाबाद पुलिस अकादमी के एडीजी रहे। इसके बाद उन्हें फरवरी 2021 में आगरा जोन का एडीजी बनाया गया। 19 अगस्त 2023 को एडीजी विजिलेंस बनाए गए। मार्च 2024 में जब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के द्वारा करवाई गई सबसे बड़ी सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक हुआ तो सरकार ने भर्ती बोर्ड की कमान राजीव कृष्ण को सौंपी। राजीव कृष्ण ने बतौर डीजी भर्ती बोर्ड न सिर्फ परीक्षा कराई बल्कि परीक्षा करने के साथ-साथ 60244 पदों पर चयनित हुए अभ्यर्थियों का बिना किसी विवाद के रिजल्ट भी जारी किया।

बीते साल 31 मई 2025 को कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार का रिटायरमेंट हुआ तो राजीव कृष्ण को यूपी का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया। कार्यवाहक डीजीपी का कार्यकाल 1 साल पूरा होते ही 31 मई 2026 को राजीव कृष्ण यूपी पुलिस के पूर्णकालिक डीजीपी बनाए गए हैं। राजीव कृष्ण का जून 2029 तक का कार्यकाल बाकी है। उनकी नियुक्ति के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय, विजिलेंस और भर्ती बोर्ड में काम करने का व्यापक अनुभव रखने वाले राजीव कृष्ण प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत सुधारों के लिए भी जाने जाते हैं। पुलिस विभाग में उनकी पहचान एक अनुभवी, अनुशासित और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है।





