
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। आयुक्त कार्यालय, बस्ती मण्डल, बस्ती के परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम थीम के अन्तर्गत मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह द्वारा पौधरोपण किया गया। अपर आयुक्त (न्यायिक) सुरेन्द्र प्रसाद यादव, संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी, डी0एफ0ओ0 डा0 शिरीन द्वारा भी पौधारोपण किया गया है।

मण्डलायुक्त ने कहा कि हरियाली ही भविष्य की सुरक्षा है और इसके लिए पौध रोपण अभियान को सफल बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा रोपित पौधो की 5-6 वर्ष विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित बनाये रखते है बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण तथा जैव विविधता के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होने सभी नागरिको से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्रवान किया।

इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी संतोष पाण्डेय, न्याय सहायक रमेश चन्द्र कन्नौजिया, व्यैक्तिक सहायक बजरंग बली पाण्डेय, नाजिर अनुपम चौधरी, शैलेश श्रीवास्तव, जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, शलभ श्रीवास्तव, आलोक सिंह, संदीप यादव, पवन यादव, संजय कुमार, शमीम अहमद, सौरभ कुमार, सुहैल अहमद आदि अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
नवाचारी गतिविधियों के साथ डायट में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस
बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रांगण में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं हरित पर्यावरण के संकल्प के साथ आयोजित किया गया। संस्थान के स्टॉफ और प्रशिक्षुओं द्वारा औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही डायट प्राचार्य की अगुवाई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें सभी ने पर्यावरण बचाने के बैनर और स्लोगन हाथों में ले रखे थे।

डायट के प्रशिक्षुओं और सुडको क्लब के सदस्यों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित आकर्षक रंगोली और जल संरक्षण (‘सेव वाटर, सेव लाइफ’) से जुड़े सुंदर चार्ट व पोस्टर प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित सभी संकाय सदस्यों और प्रशिक्षुओं को पेड़ लगाने, जल बचाने, कचरा कम करने और प्लास्टिक का उपयोग न कर एक हरित जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि अपना डायट अनुशासन से ही हरियाली तक का लम्बा सफर तय किया है। कहा कि एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव ला सकता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर, स्वच्छ और हरित पृथ्वी छोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर संस्थान में विभिन्न प्रकार की पर्यावरण अनुकूल और शैक्षिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। संस्थान का मुख्य लक्ष्य प्रशिक्षित, सक्षम और संवेदनशील शिक्षकों के निर्माण को आगे बढ़ाते हुए भावी शिक्षकों और संकाय सदस्यों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को जगाना है। प्रवक्ता डॉ. गोविंद के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण और नवाचार पर आधारित एक कला व पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें डीएलएड प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर बेहद आकर्षक और रंगीन पोस्टर प्रदर्शित किए। समारोह के समापन पर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने बदलते मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में समावेशी प्रयासों पर जोर दिया। सभी उपस्थित संकाय सदस्यों और भावी शिक्षकों ने जो हम चाहेंगे वह होगा के दृढ़ संकल्प के साथ पर्यावरण को हरा-भरा रखने और समाज को इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली।

प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में कार्यक्रम को मूर्त रूप देने में प्रवक्ता नोडल अलीउद्दीन, अमन सेन, डॉ गोविन्द, वर्षा पटेल, सरिता चौधरी, डॉ ऋचा शुक्ला, कल्याण पाण्डेय, डॉ रविनाथ, मो. इमरान खान, शशि दर्शन त्रिपाठी, सरिता चौधरी, कुलदीप चौधरी, वन्दना चौधरी, कनिष्ठ सहायक नवनीत वर्मा, रमाकांत, अनिल चौधरी एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षु में ज्ञानेन्द्र पटेल, दीपांशु, ज्ञान प्रकाश गोंड, अरुण, चन्दन मिश्रा, अमरेन्द्र तिवारी, सौरभ, निशा, नित्या द्विवेदी, मनीषा उपाध्याय, शिवशंकर, मनीष दुबे, इंद्रभान, सिद्धांत, अम्बिका आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने योगदान दिया।




