
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी बस्ती के वरिष्ठ नेता अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय ‘शिबलू’ ने प्रदेश के खाद्य एवं रसद कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय से उनके लखनऊ स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट किया।

शिबलू पाण्डेय ने उन्हें भगवान परशुराम का चित्र और पुष्पगच्छ भेंट कर मंत्री और सीतापुर जनपद का प्रभारी बनाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त किया। भाजपा नेता अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय ‘शिबलू’ ने कहा कि डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय जमीनी नेता हैं और निश्चित रूप से खाद्य एवं रसद के कार्यों में और तेजी आयेगी, प्रदेश की जनता तक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचेगा।
जमीन पर जबरिया कब्जा: न्याय ना मिला तो गांव से उजड़ जायेगा परिवार
बस्ती। दुबौलिया थाना क्षेत्र के हेंगापुर निवासिनी दलित मालती देवी पत्नी शोभानाथ ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर अपने छप्परवाले घर को गांव के ही दबंगों से बचाने की गुहार लगाया है। मालती देवी के अनुसार न्याय न मिल तो उसे गांव से ही उजड़ जाना पड़ेगा। मालती लगातार प्रार्थना पत्र देकर थक चुकी है। उसके पति परदेश में हैं और अब उसे डर सता रहा है कि दबंग उसे गांव से बाहर जाने को मजबूर न कर दें।

एसपी को दिये पत्र में मालती देवी ने कहा है कि वह गाटा संख्या 729 में छप्परपोश मकान और सहन बनाकर रह रही है। गांव के ही अभिलाष यादव, बाबूलाल, शिवलाल और इनके घर की औरते उसके मकान और सहन पर जबरिया कब्जा करते चले आ रहे हैं। विरोध करने पर मारते पीटने के साथ ही जान से मार देने की धमकी देते हैं। यदि उसके मकान और सहन की जमीन पर कब्जा जारी रहा तो मजबूरन उसे गांव से ही उजड़ जाना पड़ेगा। उसने दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग करते हुये कहा है कि उसके जमीन से जबरिया कब्जा हटवाया जाय।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान की नई परंपरा बर्दाश्त नहीं करेंगे पेंशनर : नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय
बस्ती। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसियेशन का एक प्रतिनिधि मंडल पेंशनरों की समस्याओं को लेकर अधिशाषी अभियन्ता बाढ़ खण्ड से मिलने पहंचा। उनकी गैर मौजूदगी मे फोन पर हुई वार्ता के उपरान्त एसोसियेशन के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय के निर्देश पर प्रतिनिधि मंडल अधिशाषी अभियन्ता के प्रशासनिक अधिकारी तुलसीराम से मिला और समस्याओं से अवगत कराते हुये अविलम्ब समाधान की मांग की।

श्री उपाध्याय ने बताया कि अधिशाषी अभियन्ता ने व्यस्तता का हवाला देते हुये मिलने से मना कर दिया। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौपा गया है। नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ खण्ड के अधिशाषी अभियन्ता इंजी. दिनेश कुमार सिचाई विभाग के आहरण वितरण अधिकारी हैं। उन्होने कुछ माह पूर्व एक पत्र जारी कर पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु दावा प्रस्तुत करने पर सर्वप्रथम उस चिकित्सक/चिकित्सालय को भेजकर परीक्षण कराते हुये सम्बन्धित प्राधिकारी को निर्देशित किया गया है।

इस नई और शासनादेशों को दरकिनार कर बनाई गई व्यवस्था के चलते इलाज कराने के उपरान्त चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु दर दर भटकना पड़ रहा है। माह फरवरी मे प्रतिनिधि मंडल ने मिलकर उनसे उपरोक्त संदर्भ मे वार्ता किया था। उन्होने आश्वासन दिया था कि भविष्य मे ऐसी शिकायत नही मिलेगी। लेकिन सम्बन्धित अधिकारी अधिशाषी अभियन्ता द्वारा जारी पत्र का हवाला देकर जहां इलाज कराया गया है उस चिकित्सालय को पत्रावली भेजकर परीक्षण कराने की नई परंपरा चला रहे हैं। जबकि शासनादेशों में स्पष्ट उल्लेख है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत करने के बाद 10 दिनों के भीतर तकनीकी परीक्षण हेतु सक्षम अधिकारी को भेजा जाये।
उसे परीक्षण के उपरान्त 15 दिनों के भीतर कार्यालय अध्यक्ष को वापस कर दिया जाये जिससे भुगतान की प्रक्रिया सम्पन्न हो। किन्तु शासनादेशों की अनदेखी कर स्थितियों को असहज किया जा रहा है जो पेंशनरों के आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न की मंशा को रेखांकित करता है। उन्होने कहा कि पटल सहायक द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर फर्जी भुगतान कराकर लाभ अर्जित किया जा रहा था, जो अधिकारियों के संरक्षण मे हो रहा था। इस नियोजित भ्रष्टाचार की कीमत पेंशनरों को चुकानी पड़ रही है। अधिशाषी अभियन्ता पेंशनरों के उत्पीड़न के लिये नई परंपरा विकसित कर रहे है जो बर्दाश्त नही किया जायेगा। इससे पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ लेने मे भारी परेशानी हो रही है इसलिये 21 नवम्बर 2025 को जारी नया मनगढ़न्त आदेश रद करते हुये पूर्व की व्यवस्था लागू की जाये। प्रतिनिधि मंडल मे सुरेशधर दूबे, नरेन्द्रदेव मिश्र, राध्येश्याम तिवारी, श्रीगोपाल तिवारी, कुलभूषण अग्रहरि, अरूण कुमार पाण्डेय, बलराम यादव एवं छोटेलाल यादव आदि शामिल थे।





