
बस्ती (उ.प्र.)। जिले के रूधौली विधानसभा क्षेत्र के दसिया गांव में एथनॉल फैक्ट्री के निर्माण पर छिड़े घमासान में आज विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद जिले में पहले से लागू बीएनएसएस की 163 (पूर्व की धारा 144) का सक्रियता से पालन करते पुलिस ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए थे। वहां पुलिस बैरीकेडिंग देख कर सपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राम प्रसाद चौधरी भड़क गए। उन्होंने कहा जनता का हित सर्वोपरि है। किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। राम प्रसाद चौधरी के साथ रूधौली के सपा विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी एवं वामदलों की ओर से का. केके तिवारी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

दसिया में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर उपजे विवाद के बीच स्थानीय सांसद राम प्रसाद चौधरी ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है। सांसद राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि औद्योगीकरण और विकास के नाम पर भोली-भाली जनता का शोषण और उनके हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता का हित उनके लिए सर्वोपरि है। विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि यह फैक्ट्री किसानों और आम लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि इससे हवा, पानी और अन्न उत्पादन पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

कामरेड के. के. तिवारी ने बताया कि क्षेत्रीय नागरिकों, किसानों के साथ हुई पूर्व बैठक के अनुसार आज दसिया पहुँचकर किसान सभा, माकपा बस्ती इकाई के प्रतिनिधि मण्डल की तरफ से सपा सांसद राम प्रसाद चौधरी, क्षेत्रीय सपा विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी और किसानों के साथ उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ़ विरोध दर्ज कराया गया है।

बस्ती में वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता का. केके तिवारी ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि हम जनता की इस लड़ाई में साथ हैं। किसान सभा, खेमयू की स्पष्ट मांग है कि स्थानीय किसानों, नागरिकों का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खतरनाक उद्योगों की लाल सूची में शामिल इथेनॉल फैक्ट्री को औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए। उसके स्थान पर मालिकान द्वारा कोई भी अन्य उद्योग स्थापित करना उचित होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उनकी मांग पूरी करनी चाहिए। माकपा की मांग है कि ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के दिये हुए सहमति पत्र और अनुमोदन का खुली बैठक में पुनर्समीक्षा किया जाय।

माकपा और किसान सभा ने मांग किया कि हिरासत में लिये गए क्षेत्रीय किसानों को रिहा करते हुए बीएनएस 163 की शुरू की हुई पूरी कार्यवाही रद्द करे। याद रहे पुलिसिया तानाशाही से जनता की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। स्थानीय लोगों के इस संघर्ष में हम साथ हैं। धरना कार्यक्रम में किसान सभा के संयोजक केशव राम चौधरी, माकपा के जिला सचिव शेष मणि, केके तिवारी, राम सहाय, प्रहलाद, शिव चरण निषाद, नवनीत यादव, वैदिक द्विवेदी, ओमेंद्र एवं विजय नाथ तिवारी सहित दर्जनों साथी मौजूद थे।





