
लखनऊ। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में 28 मई गुरुवार को आयोजित प्रथम दीक्षांत समारोह के अवसर पर क्लीनिकल मेडिसिन (Clinical Medicine) पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल मुख्य अतिथि रहीं और समारोह की अध्यक्षता की। समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
बता दें कि यह पुस्तक सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ए.के. त्रिपाठी द्वारा लिखी गई है। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि यह किसी अंग्रेजी पुस्तक का अनुवाद नहीं है, बल्कि मूल रूप से हिंदी भाषा में लिखी गई है। इसमें चिकित्सकीय शब्दावली को सरल और बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि मेडिकल विद्यार्थियों से लेकर प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सक तक सभी को लाभ मिल सके। डॉ त्रिपाठी ने बताया कि यह पुस्तक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है, सिद्धांत (Principle) के साथ-साथ व्यवहारिक पहलुओं (Practice) पर विशेष बल दिया गया है, सरल व स्पष्ट भाषा, जिससे विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें। साथ ही यह मेडिकल प्रैक्टिशनर्स को रोगों की पहचान और निदान में सहायक। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि हिंदी भाषा में चिकित्सा शिक्षा को प्रस्तुत करने का यह प्रयास सराहनीय है। यह विद्यार्थियों और चिकित्सकों दोनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि डॉ. त्रिपाठी की यह कृति चिकित्सा शिक्षा को व्यावहारिक और सरल बनाने की दिशा में अहम कदम है। यह पुस्तक छात्रों और प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
दुबौलिया पुलिस पर जबरिया सुलहनामा कराने का आरोप, न्याय न मिला तो दिया गर्भवती पत्नी के साथ आत्महत्या की चेतावनी
बस्ती। दबंग सूदखोरो के चंगुल में फंसे दुबौलिया थाना क्षेत्र के अजय पुत्र दुखरन के मामले में नया मोड़ आ गया है। दुबौलिया थाना क्षेत्र के मसहा निवासी अजय पुत्र दुःखरन से सूदखोरों ने थाने पर जबरिया सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया और सुलहनामा बनवाकर दे दिया। सोमवार को सूदखोरों के चंगुल में फसे अजय ने डीआईजी को पत्र देकर मामले में न्याय की गुहार लगाते हुये चेतावनी दिया है कि शीघ्र न्याय न मिला तो वह अपनी पत्नी जो 9 माह की गर्भवती है उसके साथ आत्महत्या कर लेने को मजबूर होंगे।

डीआईजी को दिये पत्र में अजय ने कहा है कि गाँव के बगल नचना गुलौरी बुजुर्ग निवासी सुड्डू दूबे सुडडू दूबे पुत्र रामतेज व भीमसिहं उर्फ किशन चन्द सिहं पुत्र स्व० रामकान्त जो ब्याज पर रूपया देने का काम करते है, सुडडू दूबे से 20,000 रूपया अपनी पत्नी के इलाज के लिए लिया था। वह सुडू, दूबे, भीमसिहं को 46,000 रुपया धीरे-2 वापस कर दिया। 12 अप्रैल को उसकी पत्नी को सुडडू दूबे आदि ने बाजार से उठाकर अपने घर बैठाकर जबरदस्ती जेवरात भी ले लिया उसके बाद छोड़ा और एक लाख रूपया की मांग करने लगें जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक व अन्य उच्चाधिकारियो को दिया था। इसके बाद उक्त लोग जान से मारने की धमकी देने लगे। 31 मई को उसके घर अमरजीत सरोज, और एक अज्ञात सिपाही पहुंचे और उसे अपने बुलेट बाइक पर बैठाकर थाने ले गये। दोपहर 1 बजे से 5.30 बजे तक उसेे सुरेश वरूण दीवान द्वारा उसे डराया धमकाया गया और एक सादे पेपर पर हस्ताक्षर करा लिया गया। उसके बाद सुलहनामा बनाकर उसे दे दिया गया और पुलिस ने उसकी जेब में 500 रुपया रख दिया गया । पढ़ा लिखा न होने के कारण वह सुलहनामा पढ़ नहीं सका और अपने पत्नी के पास आकर बताया पत्नी ने अपने बच्चो से सुलहनामा पढ़वाया तो प्रार्थी ने 112 नं० पर डायल किया।
उसने मांग किया है कि सुडडू दूबे व भीमसिंह को जल्द से जल्द उनके खिलाफ कार्यवाही किया जाय। अगर ऐसा नही होता है तो वह अपनी पत्नी जो 9 माह की गर्भवती है दोनों जहर खाकर फॉसी लगाकर अपनी जान दे देगे।





