बस्ती (उ. प्र.)। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, रामबाग बस्ती में राष्ट्रगीत ‘वन्देमातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रातः 11:00 बजे एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भैया-बहिनों, आचार्य बंधुओं, आचार्य भगिनियों एवं कर्मचारियों द्वारा एक समय, एक लय एवं एक स्वर में वन्देमातरम् का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्रीमान् ऋषिदीप जी, विशिष्ट अतिथि श्री प्रहलाद मोदी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भावेश पाण्डेय तथा अध्यक्ष के रूप में डॉ. ए.के. सिंह उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री ऋषिदीप जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन्देमातरम् केवल शब्दों का एक सामान्य गीत नहीं है, अपितु यह प्राचीन काल से चला आ रहा एक शाश्वत स्वर है जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों के उत्साह और देशभक्ति का अमर गान रहा है। यह गान अभी अपने मूलस्वरूप में बहुतायत भारतीयों द्वारा गाया जाता है। वन्देमातरम् भारतमाता के व्यापक स्वरूप और राष्ट्रीय एकता को प्रतिबिम्बित करता है।
विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भावेश पाण्डेय ने बच्चों से कहा कि आप सभी बड़े भाग्यशाली हैं कि वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के कार्यक्रम मनाने के साथ 200वीं जयंती मनाने के भी साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत माता की वन्दना है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रमोद श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपने पूर्वजों के कृतित्व याद के साथ भारत माता के स्वरूप को अमिट व अक्षुण्य रखना है।वन्देमातरम् उसी को याद करने व गर्व महसूस करने वाला गान है। कार्यक्रम का संचालन अजय द्विवेदी, हरिहरनाथ पाण्डेय व आभार ममता शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य अच्युतानंद, करुणाकर, राजकिशोर सिंह, एवं आचार्या श्रीमती बिंदु शुक्ला, पूजा सिंह, शिवांगी, गरिमा व सभी आचार्य परिवार, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।


