बस्ती (उ.प्र.)। क्या एक सांड़ चुनाव प्रभावित कर सकता है? यह प्रश्न अजीब लगता जरूर है लेकिन हकीकत यही है कि आगामी पंचायत, विधानसभा व लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में बस्ती जनपद व अयोध्या विकास क्षेत्र के मतदाता ग्राम पंचायत एकमा हिरनिया, 307 हर्रैया विधानसभा व बस्ती लोकसभा में इसी काला सांड़ के मुद्दे पर वोट करने का मन बना चुके हैं। क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके काला सांड़ से विक्रमजोत इलाके के नागरिक इतना ज्यादा आतंकित हैं तथा इस मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन व जन प्रतिनिधियों से इतना ज्यादा निराश हो चुके हैं कि वे आगामी चुनावों में इसे एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रहे हैं।

सरकार ने हर जगह गौशालाएं संचालित की हैं। जहां लावारिस गौवंशीय पशुओं के संरक्षण की व्यवस्था बनाई गई है। परन्तु आलग यह है कि हाईवे से लेकर हर जगह आपको लावारिस पशुओं के झुंड भी देखे जाते हैं। यहां तो सिर्फ एक खतरनाक सांड़ की बात हो रही है। इसे पकड़ कर गोशाला ले जाने वाला कोई नहीं है। इसके लिए बाकायदा कर्मचारी भी हैं।
जानकारी के अनुसार विक्रमजोत क्षेत्र के गोरसरा शुक्ल, गोरसरा तिवारी, शंकरपुर आदि गांवों के लोगों में एक काला सांड़ के आतंक से इतना ज्यादा खौफ है कि उन्हें रात क्या दिन में भी जान हथेली पर रखकर चलना पड़ता है। यह काला सांड़ बाइक सवार, साइकिल सवार आदि राहगीरों को दौड़ाकर मारता है। बड़ी बात यह है कि इस काला सांड़ के आतंक की जानकारी जरिए व्यक्तिगत सूचना, मीडिया हाउस, सोशल मीडिया प्लेटफार्म जिम्मेदार अधिकारियों, विभाग, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, विधानसभा व लोक सभा के जन प्रतिनिधियों को दिए जाने के बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे क्षेत्र में चर्चा है कि इस काला सांड़ के आतंक के आगे वर्तमान सरकार सहित शासन – प्रशासन व जनप्रतिनिधि तक नतमस्तक हो चुके हैं।


