
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। रोहनिया थाना क्षेत्र के शहवाबाद गांव की रहने वाली बुजुर्ग जडावती देवी ने अपने ही छोटे बेटे पर मारपीट, जान से मारने की कोशिश और लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित बुजुर्ग महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी संपत्ति दोनों बेटों के बीच बराबर-बराबर बांट दी थी। इसके अतिरिक्त अपने हिस्से की शेष संपत्ति भी उन्होंने बड़े बेटे आजाद भारद्वाज के नाम कर दी, क्योंकि वृद्धावस्था और हृदय रोग से पीड़ित होने के दौरान उनकी देखभाल वही कर रहा था। इसके बावजूद छोटे बेटे अरविंद भारद्वाज पर संपत्ति के लालच में उन्हें प्रताड़ित करने, मारपीट करने और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है।
बेटे अंतिम दर्शन का अधिकार नहीं
लगातार हो रही प्रताड़ना से आहत जडावती देवी ने एक भावुक और कठोर निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया है कि उनके निधन के बाद छोटे बेटे को उनके पार्थिव शरीर के पास आने या अंतिम दर्शन करने की अनुमति न दी जाए। उनका कहना है कि जिसने जीवनभर उन्हें सम्मान के बजाय अपमान, भय और हिंसा दी, उसे मृत्यु के बाद दिखावटी संवेदना व्यक्त करने का कोई अधिकार नहीं है। महिला का आरोप है कि उनका छोटा बेटा अक्सर शराब के नशे में अपने साथियों के साथ घर के बाहर हंगामा करता है और उन्हें जान से मारने की धमकियां देता है। पारिवारिक स्तर पर रिश्तेदारों की मौजूदगी में कई बार समझौते का प्रयास भी किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। अंततः उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा प्रदान करने तथा दोषी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते संपत्ति विवादों और बुजुर्गों के प्रति घटती संवेदनशीलता का भी गंभीर उदाहरण माना जा रहा है। जिस मां ने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें जीवन दिया, वही आज अपने ही बेटे के भय से सुरक्षा की गुहार लगाने को विवश है। फिलहाल मामले में प्रशासन और स्थानीय पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच और कार्रवाई के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी।
सपा ने मनाई भामाशाह की जयंती
बस्ती। सोमवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव के संयोजन में महान योद्धा, दानी और साम्राज्य रक्षक भामाशाह की जयंती मनाई गयी। उपस्थित लोगों ने भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उनके योगदान पर वक्ताओं ने विस्तार से प्रकाश डाला।

बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि भामाशाह जैसे महान व्यक्तियों के त्याग और योगदान से ही हमारा इतिहास गौरवशाली बना है। समाजवादी पार्टी हमेशा ऐसे महापुरुषों के योगदान को याद रखती है और समाज में त्याग व समर्पण की भावना को बढ़ावा देती है। कहा कि जब महाराणा प्रताप के पास सेना के संचालन के लिए धन की कमी हुई, तब भामाशाह ने अपनी जीवनभर की संचित संपत्ति और पूरी पूंजी देश की रक्षा के लिए महाराणा को समर्पित कर दी थी। भामाशाह का जीवन त्याग, समर्पण और देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है।
सपा नेता मो. स्वालेह, आर.डी. निषाद, राजाराम यादव, मो. सलीम आदि ने कहा कि भारतीय इतिहास में भामाशाह का नाम निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और दानशीलता के प्रतीक के रूप में आज भी अमर है। उनके इस अभूतपूर्व दान के कारण ही उन्हें ‘दानवीर’ की उपाधि मिली। आज के समय में भी युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
भामाशाह को जयंती पर नमन करने वालों में अरविन्द सोनकर, जगदीश यादव, लालमन, मो. कामिल, अनीस पिन्टू, जुनेद अहमद, युनूस आलम, सुशील यादव विवेक यादव विक्की, जगपाल चौधरी के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।





