
बस्ती (उ.प्र.)। जिले के मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के परसा हज्जाम गांव में 28 जून 2026 रविवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घर के मुखिया की अचानक मौत का सदमा उनका 15 वर्षीय पुत्र सहन नहीं कर सका और उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई। पिता और पुत्र की एक साथ उठी अर्थियों ने गांव ही नहीं, आसपास के क्षेत्र को भी गमगीन कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय ज्योति प्रकाश अपने नए मकान की नींव (भरवा) का कार्य करा रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन जब ज्योति प्रकाश का शव लेकर घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। इसी बीच पिता के निधन की खबर सुनकर उनका 15 वर्षीय पुत्र राज गहरे सदमे में आ गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे भी तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
एक ही परिवार में कुछ ही घंटों के अंतराल पर पिता और पुत्र की मृत्यु से गांव में मातम पसर गया। अंतिम संस्कार के समय जब दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। यह मार्मिक घटना मुंडेरवा थाना क्षेत्र के परसा हज्जाम गांव की है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। गांव के लोग इस असहनीय त्रासदी से स्तब्ध हैं और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए बड़ी संख्या में उनके घर पहुंच रहे हैं।
मनाया गया कबीर साहित्य सेवा संस्थान का स्थापना दिवस
बस्ती । कबीर साहित्य सेवा संस्थान का चौदहवां स्थापना दिवस रविवार को प्रेस क्लब सभागार में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ की अध्यक्षता में मनाया गया। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष सामईन फारूकी ने कहा कि पिछले 13 वर्षो में संस्थान की ओर से सृजन के अनेक कार्य किये गये, भविष्य में इसका विस्तार किया जायेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिेकत्सक डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि कबीर साहित्य सेवा संस्थान महात्मा कबीर से प्रेरणा लेकर जन-जन को एकजुट करने का जो प्रयास कर रहा है वह आज की प्रमुख आवश्यकता है। कहा कि आज जब जाति, धर्म, मजहब के नाम पर आये दिन इंसानियत लहूलुहान हो रही है ऐसे संस्थानों का महत्व बढ गया है जो विषम परिवेश में कौमी एकता की अलख जगा रहे हैं।
डा. वाहिद अली सिद्दीकी, अनुरोध श्रीवास्तव, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, राहुल चौहान, दीपक सिंह ‘प्रेमी’ अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि समाज की विकास यात्रा में संस्थानों का विशेष महत्व है। कबीर साहित्य सेवा संस्थान निरन्तर सक्रिय है और गंगा जमुनी तहजीब को समृद्ध करने में निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं जो आज की आवश्यकता है। कहा कि समाज में वैमनस्यता दूर करने की दिशा में किये जा रहे प्रयास स्वागत योग्य है।

कबीर साहित्य सेवा संस्थान के चौदहवे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बी.एन. शुक्ल, नीरज वर्मा, सेराज अहमद, तौव्वाब अली, अहमद जावेद अंसारी, शाद अहमद ‘शाद’, मनोज पाण्डेय, सागर गोरखपुरी, मो. मोईन, परवेज अहमद आदि उपस्थित रहे। संस्थान के अध्यक्ष सामईन फारूकी ने उपस्थित जनांे के प्रति आभार ज्ञापन किया।





