
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर पद्म पुरस्कारों अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्म श्री के लिए भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाना है। उक्त जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, कवि, लेखक या शिक्षा के क्षेत्र में, सिविल सेवा, खेल व अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट एवं उत्कृष्ट उपलब्धि, योगदान एवं सेवा के लिए संबंधित महानुभाव/महानुभावों का आवेदन पत्र ऑनलाइन पंजीकरण कराते हुए संस्तुतियों सहित उपलब्ध करायें।
इस संबंध में उन्होने अधिकारियों से अपेक्षा किया है कि उक्त उपाधियों के लिए महानुभाव/महानुभावों का नाम ऑनलाइन प्रस्तावित कराते हुए अपनी सुस्तुतियॉ निर्धारित प्रारूप पर दो प्रतियों में उनके कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्य विकास अधिकारी ने महानुभाव/महानुभावों को बताया है कि पद्म पुरस्कारों के चयन के लिए मानदण्ड अनिवार्य रूप से उत्कृष्ट उपलब्धियों/योगदान होना चाहिए, डाक्टरों, वैज्ञानिको एवं शोधकर्तागण को छोड़कर, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्य करने वाले कार्मिको सहित कार्यरत सरकारी सेवक पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नही है, यह पुरस्कार मरणोपरान्त नही प्रदान किया जाता तथापि अतयंत्र पात्र मामले में सरकार मरणोपरान्त पुरस्कार पर विचार कर सकती है, यदि सम्मानित किए जाने वाले व्यक्ति का निधन आगामी गणतंत्रता दिवस से पहले की 01 वर्ष के अवधि के भीतर हुआ हो, पद्यम पुरस्कार हेतु समाज के पिछड़े/अछुते क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान करने वाले, एआई, आयुर्वेद एवं शोध क्षेत्र तथा सांस्कृतिक विविधता आदि से संबंधित क्षेत्रों के व्यक्तियों को नामांकन में प्राथमिकता दी जायेगी, किसी क्षेत्र में उत्कृष्ट/विशिष्ट योगदान करने वाली महिलाओं को नामित किए जाने पर विचार किया जायेगा तथा पर्यावरण/शिक्षा/समाज सेवा/चिकित्सा इत्यादि के क्षेत्र में स्थानीय क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान/कार्य करने वाले प्रसिद्ध व्यक्तियों को नामित किए जाने पर विचार किया जायेगा।
पेपर लीक के सवाल को लेकर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
बस्ती। नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जाँच, जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी सुधार की मांग को लेकर आज भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमर जीत आर्य और भारतीय विद्यार्थी छात्रा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनी के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने के बाद अमर जीत आर्य और सोनी ने कहा कि नीट सहित अनेक परीक्षाओं में कथित पेपर लीक प्रकरण पर तत्काल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई की जाय। कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा की अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता तथा सामाजिक न्याय एवं समान अवसर के प्रश्न से जुड़ा हुआ है।

भारतीय विद्यार्थी छात्रा प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष नीलू निगम, भारत मुक्ति मोर्चा महिला विंग जिला अध्यक्ष सरिता भारती ने कहा कि एनटीए की ओर से जितनी परीक्षाएं कराई जा रहीं हैं उन सभी परीक्षाओं में धांधली साफ दिखाई नजर आ रही है। पहले नीट और अब नेट मामला सामने आना एनटीए को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। कहा कि नीट और यूजीसी नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में धांधली होना सिस्टम फेल होने को दर्शाता है। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा करवाने के तत्काल एनटीए को भंग करने की मांग की। कहा कि छात्रों ने नीट और यूजीसी नेट की परीक्षा को लेकर तैयारियां की थी। लेकिन पेपर लीक होने के चलते उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। मांग किया कि परीक्षाओं के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ धोखा बंद हो। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री खामोश है और छात्रों द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटनाओं पर जिम्मेदार मौन है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपने के दौरान गोविन्द कुमार पूर्व जिलाध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी मोर्चा,उत्कर्ष राज, खुशी, अंशिका राव, विनती,पुष्पा, रोशनी आदि शामिल रहे।



