बस्ती। शहर के पीडियाट्रिक लाइफ लाइन हास्पिटल पर लगे धन उगाही और मरीजों को हाईजेक करके शोषण करने के आरोपों को लाइफ लाइन के डॉ. तारिक एहसान खान ने सिरे से खारिज किया है। अपने ऊपर लगे आरोपों आज उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी सफाई दी और पूरे मामले पर बेबाकी से जवाब दिया। उनके मुताबिक जिन 4 – 5 लोगों गलत ट्रीटमेंट और बच्चों की हालत खराब होने का आरोप लगाया है, उन्होंने तथ्यों को छिपाते हुए गलत जानकारी दी है।
डॉ. तारिक एहसान खान स्थानीय दक्षिण दरवाजा रोड पर लाइफ लाइन हास्पिटल का संचालन करते हैं। डॉ. तारिक बाल रोग विशेषज्ञ हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से मेडिकल साइंस की पढ़ाई की है। उन्होंने खुद पर लगाये गये गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक बच्चे के बाबा इमरान ने बिल्कुल गलत आरोप लगाया है। बिल की गलत जानकारी देने के साथ ही तथ्यों को छिपाते हुए गलत जानकारी दी। उन्होंने राजेन्द्रा हास्पिटल और लखनऊ के प्राईवेट अस्पताल में कराये गये इलाज का जिक्र नहीं किया। इन्होंने लाखों रु. धन उगाही का आरोप लगाया है। जबकि हास्पिटल रिकार्ड और बिलिंग का पूरा सबूत मौजूद है। उन्होंने केवल 53 हजार रूपये ही भुगतान किया है। इसी तरह सभी शिकायतकर्ताओं ने भुगतान के सम्बन्ध में गलत जानकारी दी है। एक व्यक्ति ने मंगल सूत्र बेचकर 85 हजार रु. हास्पिटल में देने का आरोप लगाया है, जबकि उस व्यक्ति का बिल ही केवल 37 हजार का है और भुगतान की रसीदों के सबूत भी हैं।
डॉ. तारिक ने बताया कि एक व्यक्ति ने जुड़वां पैदा हुए एक बेटी और एक बेटा में से बेटे की मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया गया है। ऐसा मालूम होता है कि षड्यंत्र के तहत ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाये गये हैं। क्योंकि लाइफ लाइन में जुड़वां पैदा हुए दोनों बच्चों का इलाज हुआ था और स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज किया गया था। उसके 3 – 4 दिन बाद बच्चे की अलग से अचानक तबियत खराब होने पर कहीं और इलाज के दौरान उसे बचाया नहीं जा सका
ऐसे हालात में लाइफ लाइन और डॉ. तारिक कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं।
डॉ. तारिक ने सभी मरीज बच्चों का डेटा दिखाते हुए कहा कि बच्चे यहां से स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज किये गये हैं। बाद में दूसरी जगहों पर इलाज के दौरान हालात और बिगड़ने पर केस खराब हुए और परीजनों को कठिनाई का सामना करना पड़ा होगा। लेकिन लाइफ लाइन हास्पिटल कभी किसी भी मरीज के उपचार में लापरवाही या नाजायज धन उगाही जैसा कोई कार्य नहीं करता है। तमाम मरीजों से अगर उनकी राय ली जाय तो खुद ब खुद यह साबित हो जाएगा कि ये सभी इल्जाम बेबुनियाद हैं। डॉ. ने अंत में कहा कि आरोप लगाने वालों और बदनाम करने में शामिल लोगों को सारी बातें साबित करनी पड़ेंगी। हम भी अपने सबूत रखेंगे और शिकायत कर्ताओं को सबूत रखना होगा। ऐसे अपमान जनक इल्जाम साबित नहीं होते तो अस्पताल कानूनी लड़ाई लड़ेगा और मानहानि और सभी प्रकार की हानि की भरपाई का भी दावा करेगा। उन्होंने जनता से अपील किया है कि ऐसी अफवाहों के चक्कर में ना पड़ें और कभी भी लाइफ लाइन हास्पिटल पर विजिट करके हालात से वाकिफ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा हास्पिटल सदैव बच्चों की सेवा के लिए तत्पर है, और जरुरतमंद को डिस्काउंट भी कर दिया जाता है।




