
बस्ती (उ.प्र.)। पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने ड्यूटी में लापरवाही और आमजन की शिकायतों को गंभीरता से न लेने के आरोप में विक्रमजोत चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब एक मृतक के पिता को घंटों तक चौकी पर बैठाए रखने का आरोप सामने आया। परिजनों का कहना है कि चौकी प्रभारी ने न केवल उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया, बल्कि 50 हजार रुपये की मांग भी की गई। यह गंभीर आरोप सामने आते ही मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसी बीच क्षेत्रीय ग्रामीणों ने भी चौकी प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बढ़ते अपराध और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना था कि विक्रमजोत चौकी क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही थीं, लेकिन पुलिस उन्हें नियंत्रित करने में विफल रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने त्वरित जांच कर कठोर कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह के साथ सिपाही काशी पाण्डेय और राहुल सिंह को भी निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। एसपी यशवीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही और आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सेवानिवृत्त शिक्षकों की विदाई
बस्ती (उ.प्र)। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ शाखा बस्ती के आम सभा की बैठक जिलाध्यक्ष शिव शंकर पांण्डय की अध्यक्षता में प्रेस क्लब सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम में संघ द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। 
मुख्य अतिथि प्रदेश संरक्षक सुरेश चंद्र बैसवार ने कहा कि शिक्षक की भूमिका कभी समाप्त नहीं होती। उन्होने अधिकारों के लिये एकजुट होकर संघर्ष पर जोर दिया। कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार शिक्षकों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। सन 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट मिलनी चाहिए, इसी प्रकार सन 2006 में अनुदान सूची में आए विद्यालयों के ऐसे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति , विज्ञापन 1-4- 2005 से पूर्व की है उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ इसके लिए अथक संघर्ष करने को तैयार है और न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

विशिष्ट अतिथि संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का हक है और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन ही एकमात्र विकल्प है, हम सबको एकजुट होकर पेंशन और टेट जैसे मुद्दों पर सरकार से लड़ना होगा। जिलाध्यक्ष शिव शंकर पाण्डये ने कहा कि सेवानिवृत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के ग्रेजुएटी के लिए संघ ने अथक प्रयास करके कर्मचारियों कीग्रेजुएटी निर्गत करवाई है, ऐसे कर्मचारी जिनकी फाइल बाद में जमा हुई उनके लिए प्रयास चल रहा है, जल्द ही ग्रेच्युटी निर्गत हो जाएगी । टेट और पेंशन जैसे मुद्दों पर जिला अध्यक्ष ने आर पार की लड़ाई का आह्वान किया । जिला महामंत्री भूपेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद के विद्यालयों में उत्पन्न समस्यायों के संबंध में कहा कि संघ हर हाल में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ है । उन्होंने चयन और प्रोन्नत वेतनमान से संबंधित संघ के प्रयासों का उल्लेख किया।
प्रदेश संगठन मंत्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस कर्मचारी विरोधी सरकार से हम अपनी जायज मांगों के लिए तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती चाहे वह टेट का मुद्दा हो या पुरानी पेंशन बहाली का। कार्यक्रम को मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष लवकुश शुक्ला, राजेश उपाध्याय, सुनील यादव, नेबु लाल यादव, हेमंत मिश्र लोकेन्द्र सिंह, कृष्ण कुमार दुबे , पुष्कर चौधरी आदि ने संबोधित किया। संचालन जिला उपाध्यक्ष डॉ विजय सिंह ने किया । बैठक में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष सर्वेश पाण्डेय, लवकुश शुक्ला, राहुल सिंह, विपिन कुमार सिंह, रवि गौतम, दीपक श्रीवास्तव, रागिनी तिवारी, अखिलेश मिश्रा, अभिनव सिंह, परमात्मा सिंह, विपिन कुमार सिंह, अखंड प्रताप सिंह, राकेश कुमार शुक्ला, हेमंत उपाध्याय, ओम प्रकाश पाण्डेय, ओम प्रकाश सिंह, चंद्रभान सिंह, हरि मूरत वर्मा, फूलचंद प्रजापति, सत्यराम उपाध्याय, नरसिंह नारायण, सूर्यकमल सिंह, राकेश शुक्ला, आर के पाण्डेय, राहुल शुक्ला, चंद्रेश कुमार, रमेश सिंह, कृष्णानंद दुबे, कपिल देव मौर्य, आलोक यादव, विनोद गुप्ता, मुकेश सिंह, रंजीत जैसवाल, अर्चना त्रिपाठी, पूनम यादव, रितेश श्रीवास्तव, पूजा सिंह कौशिक, उषा सिंह, महिपाल के साथ ही अनेक शिक्षक शामिल रहे।





