
वाराणसी (उ.प्र.)। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रयागराज पुलिस द्वारा शंकराचार्य पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच के बीच शाहजहांपुर के एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि उस पर शंकराचार्य को फंसाने के लिए दबाव बनाया गया। यह कार्य आशुतोष पाण्डेय द्वारा किया गया। शाहजहांपुर निवासी पत्रकार रमाशंकर दीक्षित 23 फरवरी सोमवार की शाम केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर की अर्जी देने वाले आशुतोष पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए। दूसरी ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से मामले की जांच कराने की मांग की है।
रमाशंकर ने कहा कि आशुतोष ने फोन किया और दबाव बनाते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आरोप लगाओ कि बद्रीनाथ में अविमुक्तेश्वरानंद ने बच्ची का यौन शोषण किया था। तुम्हारा आर्थिक सहयोग किया जाएगा। हमने इन्कार कर दिया और कहा कि मेरे पिताजी दंडी संन्यासी थे, इसलिए हमारी आत्मा गवाही नहीं दे रही है। इसपर आशुतोष ने धमकी देते हुए कहा कि अगर तुम हमारा साथ नहीं दोगे तो हमारे पास और रास्ते हैं।
गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराएं जांच: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
केदारघाट स्थित श्रीमठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मेरे ऊपर लगे आरोपों की जांच यूपी पुलिस की जगह गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए क्योंकि जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है। जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। जांच शुरू हो और जल्दी सच सामने आए। इससे झूठ बोलने वाले बेनकाब होंगे।





