
बस्ती (उ. प्र.)। यूजीसी के नये नियमों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नये नियमों को स्थगित कर दिये जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। आज दो फरवरी सोमवार को ए.पी.एन. पी.जी. कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अमन प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लगभग सभी वर्गो के छात्र शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज के निकट एकत्र हुये और हाथोें में ‘यूजीसी का नया नियम वापस लो’ की तख्तियां लिये नारा लगाते हुये शास्त्री चौक पहुंचे। यहां जिलाधिकारी को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन देने के बाद छात्र नेता अमन प्रताप सिंह ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए लाए गए यूजीसी के नया नियम छात्रों में भेदभाव पैदा करने वाला है। इससे कटुता बढेगी। कहा कि छात्रों को जातियों में न बाटा जाय। इस सवाल को लेकर छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जायेगा जिससे छात्रों के बीच जातिवाद का जहर न फैले। कहा कि यद्यपि की सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रकरण में नये नियमों को स्थगित कर दिया है किन्तु जो नई कमेटी बनायी जाय उसमें समाज के सभी वर्गो का प्रतिनिधित्व हो और सेवा निवृत्त जज, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को रखा जाय।

वरिष्ठ छात्र नेता अंकित मिश्र ‘नितिन’ ने कहा कि आज के इस ऐतिहासिक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक एकत्रीकरण में अपनी अमूल्य उपस्थिति दर्ज कराकर शिक्षा हित में आवाज़ बुलंद करने वाले सभी सम्मानित छात्र साथियों, आदरणीय शिक्षकों एवं जागरूक नागरिकों को हार्दिक अभिनंदन एवं कोटि-कोटि धन्यवाद। आप सभी की एकजुटता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज चेतन होता है, तब व्यवस्था को भी सुनना पड़ता है। आपकी सहभागिता केवल उपस्थिति नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक मजबूत संकल्प है। आप सभी इस आंदोलन की आत्मा और हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। हम सभी यूजीसी के दमनकारी नीतियों को वापस कराकर ही दम लेंगे।

ज्ञापन देने वालों में छात्र नेता अमन प्रताप सिंह के साथ मुख्य रूप से अंकित मिश्र, अवनीश सिंह, जितेन्द्र पाल, अमन चौधरी, हर्ष अग्रहरि, नीरज गौड़, मोनू पाण्डेय, अभिषेक सिंह, आशीष सिंह, विकास चौधरी, विपुल सिंह, रवि तिवारी, शानू जायसवाल, सदरे आलम, रामकृष्ण चतुर्वेदी, अशजद, अमित सिंह, रौनक सिंह, सौरभ सिंह के साथ ही हजारों छात्र और छात्र नेता शामिल रहे।





