
बस्ती (उ.प्र.)। प्रेस क्लब सदस्य जीतेन्द्र यादव के पिता रामवृक्ष यादव के निधन के बाद बस्ती प्रेस क्लब सभागार में उनकी आत्मा की शांति हेतु पत्रकारों ने प्रार्थना किया।

(स्व. रामवृक्ष यादव)
वरिष्ठ पत्रकार जयन्त मिश्र, प्रकाश चन्द्र गुप्ता, मजहर आजाद एवं स्कन्द शुक्ला ने कहा कि स्व0 रामवृक्ष यादव ने अपने जीवन में कभी भी सिद्धान्तों के साथ समझौता नहीं किया। अपने कार्यकाल के दौरान गरीबों, मजलूमों की सेवा करते रहे साथ ही साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहे। उनके किये गये सद्कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय, महामंत्री महेन्द्र तिवारी, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य विपिन बिहारी त्रिपाठी ने कहा कि उनके निधन से उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। ईश्वर उनके परिवार को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करे। इस अवसर पर अब्दुल रहीम साहिल, सर्वेश श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, जीशान हैदर रिजवी, वशिष्ठ पाण्डेय, लवकुश सिंह, राजेन्द्र उपाध्याय, शहंशाह आलम, अजय कुमार श्रीवास्तव, अनिल पाण्डेय, लवकुश यादव, रामकुमार, राहुल पटेल, राकेश गिरि, रामराज, सुनील कुमार सोनी, आजाद, बसंत लाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

नेशनल प्रेस क्लब ने भी दी श्रद्धांजलि
वरिष्ठ पत्रकार जीतेन्द्र यादव के पिता रामवृक्ष यादव के आकस्मिक निधन से जनपद के पत्रकारों मे शोक का माहौल है। नेशनल प्रेस क्लब की ओर से न्याय मार्ग स्थित प्रज्ञा प्रकाशन पर साथियों ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को दुख की इस घड़ी मे साहस प्रदान करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना किया।

वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि रामवृक्ष यादव शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम से सेवानिवृत्त हुये थे। कार्यकाल के दौरान उनका व्यवहार उत्कृष्ट रहा जिसे लोग आज भी याद करते हैं। उन्होने कहा दुख की इस घड़ी में हम सभी साथी शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। शोकसभा में एनपीसी संरक्षक अशोक श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, बबुन्दर यादव, धनंजय श्रीवास्तव, कमलेश सिंह, कृष्णा द्विवेदी, हिफजुर्रहमान, संतोष श्रीवास्तव, पारसनाथ मौर्य, मनोज कुमार यादव, रत्नेन्द्र पाण्डेय, जमीर अहमद, शम्भूनाथ गुप्ता, अब्दुल कलाम सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
यूजीसी के खिलाफ मेधा ने दिया धरना
बस्ती। बुधवार को मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दीन दयाल त्रिपाठी के संयोजन में यूजीसी का नया नियम वापस लिये जाने की मांग कोे लेकर बापू प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भले ही नये नियमों पर रोक लगा दिया है किन्तु छात्रों और अभिभावकों में आशंका बनी हुई है। सरकार और यूजीसी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिये।

मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने शिक्षा बचाओ-भविष्य बचाओ नारे के साथ शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सवर्णों को भी अन्य वर्ग के लोगों की तरह ही समान अवसर देने की मांग की। कहा कि मेधा लगातार शिक्षा के सवाल और उसके बाजारीकरण के विरोध में संघर्षरत है। यह आन्दोलन चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा। कहा कि यूजीसी की नीतियां शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसर दोनों को प्रभावित कर रही हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। यह केवल नीति का सवाल नहीं, बल्कि देश के भविष्य का प्रश्न है। इसलिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। यह लड़ाई समान अवसर और न्याय की है।

धरने में मुख्य रूप से प्रशान्त पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, राहुल त्रिपाठी, प्रतीक मिश्र, गिरीश चन्द्र गिरी, अंकित पाण्डेय, अमरनाथ यादव, विपुल सिंह, पद्युम्न उपाध्याय, उमेश उपाध्याय ‘गग्गर’ आदि शामिल रहे।





