
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना एवं पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह की अध्यक्षता में आज जनपद स्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बाढ से पूर्व तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए समन्वित प्रयास एवं सर्तकता आवश्यक है। उन्होने अधिशासी अभियन्ता बाढ़ दिनेश कुमार को निर्देशित किया कि तटबंधो की मरम्मत, कटान संभावित स्थलों की पहचान तथा आवश्यक सुरक्षा कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाय। साथ ही निचले एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हॉकन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सभी सीएचसी/पीएचसी को सक्रिय रखें, मेडिकल कैंप लगाने की व्यवस्था रखें तथा प्रत्येक बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य कर्मी तैनात करें। इस दौरान सांप काटने पर लगने वाले इंजेक्शन तथा अन्य जीवन रक्षक दवाएं, क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस घोल की समुचित व्यवस्था रखें। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि समय से भूसा एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा बाढ़ के समय में लगने वाले पशुओं के टीका की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। साथ ही अस्थायी गोशालाओं के लिए स्थल चिन्हित कर लें।

उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप बाढ़ राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को बाढ़ के समय विद्युत आपूर्ति रोकने तथा उसे चालू करने में सतर्कता बरतने का विशेष निर्देश दिया है। समीक्षा में उन्होंने पाया कि जनपद में 16 बाढ चौकी तथा कुल 17 तटबंध है, जिनके मरम्मत एवं रख-रखाव का कार्य बाढ़ खंड प्रथम द्वारा किया जाता है। अधिशासी अभियन्ता दिनेश कुमार ने बताया कि जनपद में स्थित सभी तटबंधों के लिए बाढ़ खण्ड के कर्मचारियों की तैनाती की गयी है।
बैठक में सीडीओ सार्थक अग्रवाल, एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, उप जिलाधिकारी हर्रैया उमाकान्त तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला, पशुचिकित्साधिकारी डा. ए.के. गुप्ता, डीपीआरओ धनश्याम सागर, ईओ नगरपालिका अंगद गुप्ता, अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी अवधेश कुमार, एआरटीओ धर्मेन्द्र कुुमार, आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।





