
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शमसुल हक ने विधि के छात्रों का आवाह्न किया है कि वह आम लोगों को न्याय दिलाने के लिये सेवा भावना के लिये विधि व्यवसाय का चयन करें। उन्होंनें विधि के छात्रों से यह भी कहा कि विधि व्यवसाय अथवा न्यायिक अधिकारी के लिये निरन्तर अध्ययन एवं समयबद्धता, कठिन परिश्रम से ही इस क्षेत्र में सफलता व प्रतिष्ठा हासिल कर सकते हैं।

उन्होंनें छात्रों से कहा कि वह भविष्य की चुनौतियों को देखते हुये अपने कैरियर का चयन अपनी क्षमता एवं सही दिशा तथा समयबद्धता व शालीनता को स्वीकार करें। उन्होंनें अपने अनुभव को साझा करते हुये कहा कि वह शुरूवाती दिनों में उन्होंनें भी वकील के रूप में दिल्ली में कार्य शुरू किया था। न्यायिक सेवा में आने के बाद यह अनुभव किया कि एक अधिवक्ता के लिये व्यवसायिक दक्षता के साथ संवाद की कुशलता के साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी होनी चाहिये। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती के तत्वाधान में ग्रीष्मकालीन इन्टर्नशीप कार्यक्रम के समापन के अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किये जाने के आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होनें प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किया। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम कमलेश कुमार ने प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये उन्हें इस क्षेत्र में आने के लिये कठिन परिश्रम एवं लगन, ईमानदारी, निष्ठा का आवाह्न किया। विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी.) राम करन यादव ने विधि के छात्रों का उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना करते हुये उन्हें बधाई दिया। विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम प्रमोद कुमार गिरि ने विधि के छात्रों का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण के लिये उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया।

इस अवसर पर प्रतिभागी डी. एम. एस. एस. पी. लॉ कॉलेज की छात्रा प्रियांशी सिंह, गोरखपुर विश्व विद्यालय की छात्रा श्रेया श्रीवास्तव, ए.पी.एन. पी.जी कॉलेज की मोहन्ती गुप्ता एवं मोहम्मद मुमताज सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश ने 146 प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने माननीय जनपद न्यायाधीश का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंनें इस प्रशिक्षण के मार्गदर्शन के लिये जनपद न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों, जेल अधीक्षक, प्रभारी महिला थाना सहित अन्य संस्थाओं का भी सहयोग के लिये धन्यवाद किया। उन्होंने पराविधिक स्वयं सेवकों व लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम के प्राधिकारियों के सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कौशल किशोर श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों के अलावा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
छत्रपति साहू जी महाराज को किया नमन्ः योगदान पर चर्चा
बस्ती (उ.प्र.)। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव के संयोजन में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में छत्रपति साहू जी महाराज को उनकी 152 वीं जयन्ती पर याद किया गया। उपस्थित नेताओं ने छत्रपति साहू जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण के बाद उनके योगदान पर चर्चा किया।

सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि छत्रपति साहू महाराज ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और सदा उनसे निकटता बनाए रखी। उन्होंने दलित वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। गरीब छात्रों के छात्रावास स्थापित किये और बाहरी छात्रों को शरण प्रदान करने के आदेश दिए। साहू महाराज के शासन के दौरान ‘बाल विवाह’ पर ईमानदारी से प्रतिबंधित लगाया गया। उन्होंने अंतरजातीय विवाह और विधवा पुनर्विवाह के पक्ष में समर्थन की आवाज उठाई थी। इन गतिविधियों के लिए महाराज साहू को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। साहू महाराज ज्योतिबा फुले से प्रभावित थे और लंबे समय तक ‘सत्य शोधक समाज’, फुले द्वारा गठित संस्था के संरक्षण भी रहे। ऐसे महापुरूषों से नयी पीढी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र चौधरी, मो. स्वाले, राजेन्द्र, मो. सलीम, मगन पाण्डेय, आर.डी. निषाद, राधेश्याम विश्वकर्मा अरविन्द सोनकर, रामशंकर निराला, हरीश गौतम, संजय गौैतम आदि ने कहा कि छत्रपति साहू महाराज ने दलित और पिछड़ी जाति के लोगों के लिए विद्यालय खोले और छात्रावास बनवाए। इससे उनमें शिक्षा का प्रचार हुआ और सामाजिक स्थिति बदलने लगी। परन्तु कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। वे छत्रपति साहू महाराज को अपना शत्रु समझने लगे। उनके पुरोहित तक ने यह कह दिया कि- ‘आप शूद्र हैं और शूद्र को वेद के मंत्र सुनने का अधिकार नहीं है। छत्रपति साहू महाराज ने इस सारे विरोध का डट कर सामना किया। ऐसे महापुरूष को सदैव याद करने की आवश्यकता है।

जयन्ती अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश गौतम, अजय यादव, भोला पाण्डेय, युनूस आलम, बलवन्त यादवर्, उिर्मला देवी, लक्ष्मकी देवी, गीता भारती, शकुन्तला चौरसिया, जोखूलाल, विवेक यादव, अरविन्द सोनकर, गुलाब सोनकर, अरविन्द यादव, रन बहादुर यादव, नित्यराम चौधरी, प्रशान्त यादव, घनश्याम यादव, अशोक यादव, के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।





