
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। जिला स्तरीय विकास कार्य एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में विधायक महादेवा, दूधराम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। समिति के सचिव मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने विधायक सदर महेन्द्र नाथ यादव, रूधौली राजेन्द्र प्रसाद चौधरी सहित उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों को विकास कार्यों के क्रियान्वयन योजना के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने के लिए समिति द्वारा समेकित समाधान किया जायेगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से प्राथमिकता के आधार पर सुझाव लिए जायेंगे तथा सम्बन्धित मामलों पर विचार करते हुए तत्परता से निस्तारण किया जायेगा। पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिले इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की गयी है। कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक राजेश कुमार ने किया।

बैठक में विधायक प्रतिनिधि हर्रैया सरोज मिश्रा, कप्तानगंज गुलाब चंद सोनकर, फूलचन्द्र श्रीवास्तव, मु0 सलीम, ब्लाक प्रमुख यशकांत सिंह, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
लोकतंत्र के चारों स्तम्भों में आरक्षण की मांगः भीम आर्मी जय भीम संगठन ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
बस्ती। सोमवार को भीम आर्मी जय भीम संगठन के प्रदेश प्रमुख महासचिव एडवोकेट विक्रम गौतम के नेतृत्व में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देश के दलित पिछड़े अल्पसंख्यक आदिवासी वर्गों के लिए लोकतंत्र के चारों स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, पत्रकारिता में आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने एवं पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग को भरने की मांग किया गया है।

ज्ञापन देने के बाद एडवोकेट विक्रम गौतम ने कहा कि देश में रह रहे दलित पिछड़े अल्पसंख्यक आदिवासी वर्ग की आजादी के 75 साल बाद भी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हो पाया जबकि भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में देश के शोषितों पीड़ितों वंचितो उपेक्षितों, मजलूमो की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए आरक्षण की व्यवस्था की । इसके बावजूद सामाजिक स्थिति में आज तक कोई ज्यादा बदलाव नहीं हो पाया कुछ प्रदेशों में तो इन वर्गों को आज भी मुख्य धारा में ही नहीं जोड़ा गया है इसलिए आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बदलाव करने के लिए आरक्षण को लोकतंत्र के चारों स्तंभ में लागू करना बहुत जरूरी हैं।
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में दलित पिछले अल्पसंख्यक आदिवासी वर्गों की जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी हिस्सेदारी की आधार पर सरकारी एवं प्राइवेट उद्योग में आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने के साथ ही पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग को पूरा भरा जाए, जातिगत जनगणना कराई जाए, शिक्षा के क्षेत्र म नीट, जेई, यूपीें एससी में एससी, एसटी, ओबीसी माइनॉरिटी की संख्या के आधार पर आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किये जाने, देश के सभी नगर निगम नगर पंचायत में कार्य कर रहे सभी प्राइवेट कर्मचारियों को सरकारी किया जाए ठेका प्रथा को बंद करके शिविर नाले की सफाई हेतु आधुनिक मशीनों को उपयोग किया जाने ,दलित मुस्लिम पिछड़े अल्पसंख्यक आदिवासी वर्ग में मोब लिंचिंग की घटनाए रोकने हेतु कानून बनाये जाने, गोकशी के झूठे केस एवं फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने के साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने आदि की मांग शामिल है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से एडवोकेट रविन्द्र कुमार, करन कुमार, मनीष, अनुराग आदि शामिल रहे।




