
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सत्ता जाने और भाजपा राज आने के बाद से अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन का एक्शन शुरु हो चुका है। इसी बीच कोलकाता में 7-प्वाइंट (पार्क सर्कस) क्रॉसिंग पर भीड़ और पुलिस के आमने – सामने होने से हालात बेकाबू हो गए। यहां एक समुदाय के लोग सड़क पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी और बुलडोज़र की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उग्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। पुलिस ने नमाजियों को जब रोकने की कोशिश की, तो उग्र भीड़ ने अचानक ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है। पुलिस के तीन जवान भी पत्थरबाजी में घायल हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस के एक्शन के बाद बवाल मच गया है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक 7-प्वाइंट क्रॉसिंग (पार्क सर्कस क्षेत्र) के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक बवाल सड़क पर नमाज़ पढ़ने पर लगी पाबंदी और हाल ही में प्रशासन द्वारा की गई हावड़ा स्टेशन इलाके में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ। जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

इलाके के लगभग 200 से 250 प्रदर्शनकारी प्रशासन के बुलडोज़र अभियान का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि उन्हें सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। वे इलाके के अन्य लोगों से भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील कर रहे थे। इसी बीच कोलकाता में सड़क पर नमाज पर पांबदी और बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में प्रदर्शन पर सीपीआईएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा, ‘सरकार का निर्णय ऐसा नहीं होना चाहिए कि जनता सड़क पर आ जाए। लोगों ने चुनाव में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। लोग बदलाव की मांग कर रहे थे। इसलिए नहीं की स्थिति और बिगड़ जाए। सरकार को अभी स्थिति सुधारनी चाहिए। लोग शांति के लिए, अमन चैन के लिए वोट डाले हैं। अगर इसे तोड़ा जाएगा, तो लोग सड़क पर आएंगे हीं।’
कानून जेंडर न्यूट्रल है, जो तोड़ेगा उस पर होगी कार्रवाई- आशीष विश्वास एडीसीपी
कोलकाता बवाल पर एडीसीपी आशीष विश्वास का बयान आया है। उन्होंने कहा कि इलाके में एक अवैध जमात इकट्ठा हुई थी, जिसे हटाने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत मामले की गहराई से जांच कर रही है। खुफिया इनपुट के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आए कौन से उपद्रवी शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर उन्होंने दो-टूक जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कानून का जेंडर ‘न्यूट्रल’ होता है, इसलिए जो भी कानून अपने हाथ में लेगा, उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

कोलकाता की नखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना शफीक कासमी ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने और केवल विशेष अनुमति से ही इसकी इजाजत देने के सरकारी फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन के लिए है, नमाज पढ़ने के लिए नहीं। सरकारी आदेश का पालन करें।

हालात तब पूरी तरह बेकाबू हो गए जब पुलिस ने भीड़ को सड़क पर प्रदर्शन करने और नमाज पढ़ने से रोकने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने कानून हाथ में लेते हुए पुलिस बल पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। बीच सड़क पर अचानक हुए इस पथराव से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और राहगीरों में दहशत फैल गई।
RAF ने संभाला मोर्चा
हिंसा और पथराव की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी से मोर्चा संभालते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।





