
बस्ती (उ. प्र.)। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे, उप्र. के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आज तड़के आकस्मिक निधन हो गया। प्रातः करीब पौने छह बजे उन्हें लखनऊ में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक यादव की मृत्यु पर सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने कहा कि “उन्हें सुबह 5:55 बजे मृत अवस्था में लाया गया था। पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक जताया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचकर उनके दिवंगत पति श्री प्रतीक यादव जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। प्रतीक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे। राजनीति में इनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। इनकी पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी की नेत्री हैं और महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक का जिम और रीयल स्टेट का कारोबार है। ये लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास पर रहते थे। प्रतीक यादव के निधन की खबर ने सबको हैरत में डाल दिया। वे करीब 38 साल के थे। शुरुआती खबर के मुताबिक उन्हें सुबह करीब पौने छह बजे सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। डॉक्टर ने जांच पड़ताल करके उन्हें मृत घोषित कर दिया। आज आला सुबह प्रतीक की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उनके दोस्त और साले अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उस वक्त अपर्णा यादव लखनऊ में नहीं थीं। प्रतीक की मौत की वजह अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पत्नी अपर्णा यादव राजधानी लखनऊ में नहीं थीं।

उ. प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक यादव के असामयिक निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, ‘पद्म विभूषण’, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के पति श्री प्रतीक यादव जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन कर शोक संवेदना व्यक्त कीं।

प्रतीक मुलायम सिंह और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक यादव की राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी। मौजूदा बीजेपी नेता अपर्णा यादव के साथ एक अच्छी लव लाइफ गुजारने के बाद वैवाहिक जीवन में आए उतार – चढ़ाव ने प्रतीक यादव को झकझोर कर रख दिया था। मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि अच्छा-खासा जिम चलाने वाले प्रतीक अरसे से डिप्रेशन में चल रहे थे। इन दोनों ने आठ साल के प्रेम संबंध के बाद 2011 में शादी की थी। उनकी पहली मुलाकात एक आपसी मित्र के माध्यम से हुई थी। उन्होंने ई-मेल के जरिए एक-दूसरे से बातचीत शुरू की थी। एक ब्रिटिश अखबार को दिए इंटरव्यू में अपर्णा ने बताया कि उन्हें 10वीं क्लास में ही उनसे प्यार हो गया था। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक उन्हें यह पता नहीं था कि वे मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। उनकी शादी में राजनीति, व्यापार और एंटरटेनमेंट की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इस दंपति के दो बच्चे हुए। दोनों पुत्रियां हैं।

प्रतीक और अपर्णा ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल करने का ऐलान किया, जिसमें उन्होंने अपर्णा पर पारिवारिक संबंधों को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में उन्होंने तलाक नहीं लिया। प्रतीक यादव ने एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था-‘मैं इस स्वार्थी महिला को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया है। वह सिर्फ मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अपर्णा ने उनकी खराब मानसिक स्थिति के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई। हालांकि, बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई थी। इस पोस्ट के कुछ समय बाद ही अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने इन आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रतीक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था। वह पूरी पोस्ट ही झूठी थी। उन्होंने अपर्णा पर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया था। कुछ समय बाद ही प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट पर एक छोटा संदेश लिखकर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था-राजनीतिक व्यवस्तताओं के चलते अपर्णा अक्सर बाहर रहती हैं, मगर परिवार में सब ठीक है। अपर्णा यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और अस्पताल के डॉक्टरों के पैनल ने उनका अन्त्य परीक्षण किया। शुरूआती जांच में शरीर पर कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले। बताया जाता है कि प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों से संबंधित समस्याओं से पीड़ित थे। उनके फेफड़ों में खून का थक्का जमने का इलाज चल रहा था। सुबह जब उनकी हालत बिगड़ी और उन्होंने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया, तो उनके परिवार वाले तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल ले गए। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गय।
राजकिशोर सिंह ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व कैबिनेट मंत्री राज किशोर सिंह ने अपर्णा यादव के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचकर उनके दिवंगत पति श्री प्रतीक यादव जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म विभूषण स्व. मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के पति प्रतीक यादव जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त होने पर उनके आवास पहुँचकर पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों पर हुए इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। ॐ शांति।

उनका पोस्टमार्टम हो चुका है, पार्थिव देह के अन्तिम दर्शन हेतु लोगों का तांता लगा हुआ है। अचानक हुई इस घटना से हर कोई हतप्रभ है। इस बीच उनके जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडेय ने बड़ा खुलासा किया है। स्वप्नेश पांडेय ने दावा किया कि देर रात प्रतीक यादव अपने बेडरूम में गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी। सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच उनके निधन की सूचना मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वप्नेश पांडेय ने बताया कि प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही वह सिविल अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जिम के जरिए ही उनकी प्रतीक से पहचान हुई थी। प्रतीक यादव बेहद विनम्र स्वभाव के इंसान थे और छोटे-बड़े सभी लोगों का सम्मान करते थे। उन्होंने कहा कि प्रतीक का व्यवहार हमेशा अच्छा और मिलनसार रहा।

उन्होंने बताया कि प्रतीक का काफी समय से इलाज चल रहा था। रात में तबीयत ज्यादा खराब हुई थी, जिसके बाद वे देर रात लगभग 11-12 बजे लखनऊ सिविल अस्पताल में आए थे। फिर वापस चले गए थे। घर पहुंचने पर उनकी तबीयत और भी बिगड़ी थी। स्वप्नेश पांडेय ने कहा, “मुझे यह सुनने में आया कि प्रतीक यादव अपने बेडरूम में गिर गए थे। इसके कारण सिर में चोट लग गई थी।” स्वप्नेश पांडेय ने कहा कि सुबह करीब 4-5 बजे प्रतीक के निधन के बारे में पता चला। उन्होंने फिर से दोहराते हुए कहा, “भाई (प्रतीक यादव) का लंबे समय से इलाज चल रहा था। जहां तक पता चला कि रात में पैर फिसलने से वे बेडरूम में गिरे।” मुकेश सिंह ने बताया कि प्रतीक की तबीयत बिगड़ने पर घर में मौजूद लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे।





