
बस्ती (उ.प्र.)। एक एफआईआर दर्ज कराने के बस्ती पुलिस अधीक्षक के सीयूजी मोबाइल नम्बर पर खुद को हाईकोर्ट का जज बताकर धौंस जमाकर काम कराने की कोशिश करने वाला फर्जी जज कोतवाली और सर्विलांस पुलिस की सूझबूझ से धर दबोचा गया। यह इसके ऊपर कई अधिकारियों पर फोन द्वारा धौंस जमाकर नाजायज काम कराने की कोशिश का आरोप है। इस तरह ठगी और जालसाजी करने के मामले में गिरफ्तार विनय कुमार चौधरी स्थानीय रैपुरा जंगल का ही निवासी है। कोतवाली एवं सर्विलांस पुलिस की संयुक्त टीम ने मोबाइल नंबर से लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दो मई शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस सम्बन्ध में पीआरओ पुलिस अधीक्षक शशांक शेखर राय ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी विनय कुमार चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद को उच्च न्यायालय प्रयागराज का न्यायमूर्ति बताकर एसपी डॉ. यशवीर सिंह के सीयूजी नंबर पर बार-बार कॉल कर रहा था। वह चमरौहा सियरापार, थाना कोतवाली निवासी मंगरू नामक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दबाव बना रहा था। फोन पर बातचीत के दौरान संदेह होने पर एसपी के निर्देश पर कराई गई गोपनीय जांच में आरोपी की जालसाजी सामने आ गई। पुलिस के अनुसार आरोपी अक्सर पुलिस अधिकारियों को विभिन्न नंबरों से फोन कर छद्म नाम बताकर खुद को हाईकोर्ट का जज बताते हुए धौंस जमाता रहा है। वह टेलीफोन पर ही दबाव बनाते हुए पुलिस अधिकारियों से विभिन्न मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने समेत अन्य तरह के काम के लिए दबाव बनाता था।
पुलिस ने जालसाज विनय के पास से दो सिम लगा हुआ एक अदद एंड्राईड मोबाईल विवो, एक अदद ब्लूटूथ इयर फोन, नगद भारतीय रुपये 20,000/-, नेपाली रुपये 250/- व अन्य पहचान पत्र बरामद किया है। इस सम्बन्ध में शहर कोतवाली बस्ती में एक मई को मुअसं. – 184 / 2026 पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 319, 318, 204, 221, 338, 339, 341 तथा 66 आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इससे संबंधित वांछित अभियुक्त विनय कुमार चौधरी पुत्र घनश्याम चौधरी को नेशनल हाईवे पर गोरखपुर की तरफ पटेल चौक से करीब 50 मीटर आगे से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से एक अदद एंड्राईड मोबाईल विवो जिसमें दो अलग नंबर कार्ड यथा 1ए – जस्टिस नाम से सेव मो. न. – 9451233185 व 1बी – 9628603349 एवं एक अदद ब्लूटूथ इयर फोन, एक पर्स जिसमें भारतीय रुपये 500-500/- के 40 नोट (रुपये 20,000/-) व नेपाली रुपया 250/- (दस रूपये का एक नोट, बीस रूपये का दो नोट, 50 रूपये का दो नोट, 100रू. का एक नोट), उसका स्वयं का आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस, तीन एटीएम कार्ड एवं एक कलाई घड़ी बरामद कर पुलिस ने वैधानिक कार्यवाही पूरी की।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोतीचंद राजभर, निरीक्षक ऋतुन्जय यादव, प्रभारी चौकी सिविल लाईन उ. नि. अजय सिंह व प्रभारी चौकी बड़ेवन जितेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी शैलेश शर्मा, आरक्षी चंदन कुमार, आरक्षी मुकेश साहनी थाना कोतवाली एवं सर्विलांस सेल के आरक्षी विक्रम सिंह शामिल रहे। पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से इस शातिर जालसाज समय रहते गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, अन्यथा यह कई लोगों को अपना शिकार बनाकर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देने में सफल हो सकता था।





