
बस्ती (उ.प्र.)। पटेल एस.एम.एच. हास्पिटल एण्ड आयुष पैरा मेडिकल कालेज गोटवा के प्रबंधक वरिष्ठ चिकित्सक, समाजसेवी डा. वी.के. वर्मा ने आज खोखो इण्डिया खेल प्रतियोगिता में जूनियर नेशनल खिलाड़ी की विजेता खुशी वर्मा, रजत पदक विजेता अर्तिका मिश्रा और भार्गवी सिंह को प्रशस्ति पत्र, शील्ड और नकद सहयोग राशि देकर खिलाड़ियों का हौसला बढाया।
विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुये डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि इस बार खो-खो को इतनी बड़ी पहचान मिली है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा है। यह जीत पारंपरिक खेलों के लिए एक नया सवेरा है। ग्रामीण प्रतिभाओं को सशक्त मंच मिली है। मिट्टी के मैदानों से निकलकर चमकने वाले खिलाड़ियों का संघर्ष सराहनीय है। यह जीत भारतीय खो-खो खिलाड़ियों के लिए न केवल सामाजिक बल्कि पेशेवर रूप से भी एक बड़ा प्रोत्साहन है। इस अवसर पर खोखो एसोसिएशन के सचिव राम सिंह, रणजी खिलाड़ी वीरेन्द्र चौधरी आदि उपस्थित रहे।
बसपा ने जयन्ती पर ज्योतिबा फूले को किया नमन्ः योगदान पर विमर्श, मायावती ने सपा के सच को उजागर कर दिया-जयहिन्द गौतम
बस्ती। शनिवार को बहुजन समाज पार्टी जिलाध्यक्ष जयहिन्द गौतम के संयोजन में पालिटेक्निक चौराहे के निकट एक निजी हाल में 19 वीं सदी के प्रमुख भारतीय समाज सुधारक, विचारक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता महात्मा ज्योतिबा फुले को जयन्ती पर याद किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य मण्डल प्रभारी धर्मदेव प्रियदर्शी ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने जाति व्यवस्था, छुआछूत, महिला उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ी और शिक्षा के प्रसार में ऐतिहासिक योगदान दिया। 1873 में उन्होंने ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य वंचित वर्गों को समानता और न्याय दिलाना था।
इसी कड़ी में मुख्य मण्डल प्रभारी कल्पनाथ बाबूजी, उदयभान, के.के. गौतम, लवकुश पटेल ने कहा कि ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया और बाल विवाह तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।
बसपा जिलाध्यक्ष जयहिन्द गौतम ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती द्वारा एक्स पर किये गये पोस्ट की जानकारी देते हुये कहा कि बहन जी ने समाजवादी पार्टी और उसकी पीडीए की रणनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होनेे महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के सहारे समाजवादी पार्टी के चरित्र को भी उजागर किया है। उन्होने एक्स पर पोस्ट कर ज्योतिबा फुले को नमन किया और सपा पर जातिगत द्वेष के चलते महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के नाम बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यही सपा के पीडीए का चरित्र है। सुश्री मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह के रूप में प्रसिद्ध ’बहुजन समाज’ में अति-पिछड़े वर्ग में जन्मे महात्मा ज्योतिबा फुले को उनकी जयंती पर मेरे व बीएसपी की ओर से भी शत-शत् नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित। खासकर शिक्षा के माध्यम से स्त्री/नारी शक्ति के प्रणेता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले व उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने फुले के प्रसिद्ध कथन “विद्या बिना मति गई” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के अभाव ने ही शोषित समाज को पीछे रखा और इसीलिए आगे चलकर डा. बीआर आंबेडकर ने भी इसी विचारधारा से प्रेरणा लेकर शिक्षा को सामाजिक मुक्ति का आधार बनाया। सुश्री मायावती ने कहा कि ऐसे अति-पिछड़े व पिछड़े समाज के महापुरुष की स्मृति व उनके सम्मान में हमारी बसपा सरकार ने बहुत काम किया था। अमरोहा को ज्योतिबा फुले नगर के नाम से नया जिला बनाया था, परंतु सपा सरकार ने अपनी संकीर्ण राजनीति व जातिवादी द्वेष कारण इसका नाम बदल दिया था। कहा कि बहन जी से सपा का वास्तविक चरित्र उजागर कर दिया है।
महात्मा ज्योतिबा फुले को जयन्ती पर नमन् करने वालों में संजय धूसिया, राजेन्द्र प्रसाद, राम सरोज, सीताराम शास्त्री, राना अम्बेडकर, आशुतोष सिंह, अलीम अहमद, प्रमोद कुमार, दीपक कुमार, के.सी. मौर्य, के.पी. राठौर, अनूप कुमार, राजेश प्रताप सिंह, रामानुज भाष्कर एडवोकेट, महेन्द्र कुमार, यशवन्त निगम, दीपलाल भारती आदि शामिल रहे।
ज्योतिबा फुले ने वंचितों को न्याय दिलाने के लिये संघर्ष किया – महेन्द्र नाथ यादव
बस्ती। शनिवार समाजवादी पार्टी कार्यालय पर को महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले को उनकी जयन्ती पर याद किया गया । सपा जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने ज्योतिबा फुले को नमन् करते हुये कहा कि उन्होने दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए सत्य शोधक समाज की स्थापना की थी। इसका प्रमुख उद्देश्य शूद्रों-अतिशूद्रों को न्याय दिलाना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें उत्पीड़न से मुक्ति दिलाना, वंचित वर्ग के युवाओं के लिए प्रशासनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आदि शामिल था।

सपा विधायक नेता समीर चौधरी, आर.डी. निषाद, हरीश नेता, अभिषेक यादव, मो. सलीम, विशाल सोनकर, जावेद पिण्डारी, रजवन्त यादव ने कहा कि उस समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। स्त्रियों की शिक्षा को लेकर लोग उदासीन थे, ऐसे में ज्योतिबा फुले ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा अछूतोद्धार का कार्य आरंभ किया था। पुणे में लड़कियों के लिए भारत का पहला विद्यालय खोला। ऐसे महान लोगों को सदैव याद करना चाहिए।
सपा नेता रविकान्त निषाद, विश्वम्भर चौधरी, संदीप राजभर, श्याम यादव, रामप्रीत यादव, सनातन चौधरी, सुशील यादव, बजेश चौधरी, रामवृक्ष यादव, सुनील चौधरी, ज्ञानदास मौर्य, युनूस आलम आदि ने ज्योतिबा फुले के योगदन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि उनकी समाज सेवा से प्रभावित होकर 1888 में मुंबई की एक सभा में उन्हे महात्मा की उपाधि से नवाजा गया।

महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले को नमन करने वालों में सुबराती, पंकज निषाद, रामभवन यादव, अभिमन्यु शुक्ल, दिवाकर त्रिपाठी, लालमन यादव, नित्यराम चौधरी, इन्द्रजीत यादव, जितेन्द्र यादव, राम बहाल चौधरी, प्रशान्त कुमार, नरेन्द्र प्रसाद चौधरी, अवधेश सोनकर, जहीर अहमद, जोखू यादव, अली अहमद आदि शामिल रहे।




