
कोलकाता। माकपा बंगाल से राज्यसभा में भी अपनी उपस्थिति खोने जा रही है, क्योंकि उसके एकमात्र सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। पार्टी पहले ही लोकसभा और विधानसभा में शून्य है। अप्रैल में बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें से तृणमूल कांग्रेस चार और भाजपा एक सीट जीतने की उम्मीद है। भाजपा मिथुन चक्रवर्ती या लॉकेट चटर्जी को भेजने पर विचार कर रही है। माकपा लोकसभा व विधानसभा के बाद अब बंगाल से राज्यसभा में भी ‘शून्य’ होने जा रही है। बंगाल से माकपा के एकमात्र राज्यसभा सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल आगामी दो अप्रैल को समाप्त होने वाला है। माकपा फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं है कि बंगाल से किसी को राज्यसभा भेज पाए।
मालूम हो कि लोकसभा में बंगाल से माकपा का एक भी प्रतिनिधि नहीं है। बंगाल विधानसभा में भी माकपा का एक भी निर्वाचित सदस्य नहीं है। आगामी अप्रैल में राज्य सभा की कुल 37 सीटें रिक्त होने वाली हैं, जिनमें से पांच बंगाल की है। बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, सुब्रत बक्सी व ऋतब्रत बंद्योपाध्याय राज्य सभा सदस्य हैं। मौसम बेनजीर नूर कुछ समय पहले ही राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर तृणमूल छोड़कर कांग्रेस में लौट गई हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार तृणमूल का चार सीटों व भाजपा का एक पर जीतना तय है। भाजपा का एक वर्ग मिथुन चक्रवर्ती को राज्य सभा भेजे जाने के पक्ष में हैं। मिथुन तृणमूल के टिकट से राज्य सभा जा चुके हैं। चिटफंड घोटालों से नाम जुड़ने के बाद उन्होंने राज्य सभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और पिछले विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं, दूसरा वर्ग पूर्व भाजपा सांसद व पार्टी की तेज तर्रार नेता लॉकेट चटर्जी को राज्य सभा में चाहता है।




