
नई दिल्ली। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास आज शाम करीब पौने सात बजे एक चलती कार में हुए जोरदार धमाके ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी सुरक्षा चूक के रूप में देखी जा रही है। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 16 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह धमाका शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर हुआ। दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को इस विस्फोट की पहली सूचना भी शाम 6 बजकर 55 मिनट पर ही मिली थी। देश के गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल और एलएनजेपी अस्पताल पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी ने इस घटना की निंदा की है।

दिल्ली फायर बिग्रेड को सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद कार में लगी आग पर काबू पाया। खास बात यह है कि चलती कार में ब्लास्ट में हुआ है। लेकिन तब तक धमाके की वजह से आस-पास की 5-6 गाड़ियों को भी नुकसान पहुंच चुका था और कई कीमती जानें जा चुकी थीं। गाड़ी पर हरियाणा का नम्बर और कार किसी नदीम खान के नाम से रजिस्टर्ड बताई जा रही है।

भारत के सुरक्षा इतिहास में यह 10 नवंबर (10/11) की घटना एक काले अध्याय की तरह दर्ज हो सकती है। जिसने विश्व इतिहास के सबसे कुख्यात आतंकी हमले ‘9/11’ की याद ताज़ा कर दी है। ‘9/11’ को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था, जिसने दुनिया को झकझोर दिया था। लाल किला ब्लास्ट को उससे जोड़ने के पीछे कई कारण हैं। पहला, हमला ऐतिहासिक लाल किला के करीब हुआ है, जो दिल्ली का सबसे संवेदनशील और प्रमुख पर्यटन स्थल है। ‘9/11’ भी दुनिया के सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्र पर हुआ था।

धमाका इतना जबरदस्त था कि कार के टुकड़े दूर तक बिखर गए। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि यह किसी सीएनजी धमाके से कहीं ज्यादा शक्तिशाली विस्फोटक हो सकता है। इस घटना से कुछ ही घंटे पहले हरियाणा के फरीदाबाद में एक डॉक्टर के घर से 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री मिलने की खबर आई थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इन दोनों घटनाओं को आपस में जोड़कर किसी बड़ी आतंकी साजिश की जांच कर रही हैं।

एनआईए और एनएसजी की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। पुलिस ने पूरे इलाके को सीज कर दिया है और दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह 10 नवंबर की घटना निश्चित रूप से भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिसकी गूंज कई दिनों तक सुनाई देगी।



