
बस्ती (उ.प्र.)। हिंदी दिवस के अवसर पर वेदित्व एकेडमी, बस्ती की ओर से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ एवं अनुभवी शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक शहर के एक होटल में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ शिक्षकों से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र शुरू होने वाले देशव्यापी ऑनलाइन पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करना रहा।
देश भर के छात्रों तक पहुंचेगा बस्ती के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का ज्ञान
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बस्ती के अनुभवी एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के ज्ञान, अनुभव और शिक्षण कौशल को आधुनिक तकनीक के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने स्थान पर रहते हुए अनुभवी शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीए अभिषेक मणि त्रिपाठी ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और डिजिटल माध्यम की व्यापक संभावनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा का उद्देश्य केवल पारंपरिक कक्षाओं को इंटरनेट पर स्थानांतरित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को अनुभवी एवं विशेषज्ञ शिक्षकों से जोड़ना और उनके लिए सीखने के बेहतर एवं प्रभावी अवसर तैयार करना होना चाहिए।
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने भी ऑनलाइन शिक्षा की संभावनाओं, विषयवार पाठ्यक्रम, शिक्षण की प्रभावशीलता तथा विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण सामग्री पहुंचाने को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका वैष्णवी दूबे ने किया। वक्ताओं एवं शिक्षकों ने कहा कि प्रतिभा और विषय विशेषज्ञता केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों में भी ऐसे अनेक अनुभवी एवं प्रतिभाशाली शिक्षक हैं, जिनके ज्ञान का लाभ देशभर के विद्यार्थियों को मिल सकता है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और व्यापक पहुंच प्रदान करने की है।
वेदित्व अकैडमी की इस पहल के माध्यम से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों को एक साझा मंच पर जोड़कर उनके अनुभव और ज्ञान को डिजिटल माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि बस्ती की शैक्षिक प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास है। बैठक में हर्षित उपाध्याय, निलेश पांडेय, रजत मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, अम्बरीश पांडेय, दिव्यांश श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव, वकील चौधरी, जितेंद्र चौधरी, शिवांश त्रिपाठी, अभिषेक चौधरी, कृतिका कश्यप, सईद अनवर, शिव शंकर, आकाश पांडेय, अवधेश पांडेय एवं रूपाली पांडेय, आकाश श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।





