
नई दिल्ली। कुवैत पर 03 जून बुधवार सुबह मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ है। कुवैत की सेना ने कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को रोक रहे हैं। वहीं, देश के निवासियों ने जोरदार धमाकों की आवाजें सुनने की जानकारी दी है। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने अपने शुरुआती बयान में बताया कि हवाई रक्षा सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धमाकों की जो आवाजें सुनी गई हैं, वह इन हमलों को रोकने की वजह से हैं।

कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने अपने शुरुआती बयान में बताया कि हवाई रक्षा सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन का सामना कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसने आत्मरक्षा के तहत ईरान पर हमले किए हैं। कुवैत ने यह नहीं बताया है कि हमले कहां से किए गए हैं। लेकिन कुछ ही देर पहले ईरानी मीडिया ने कहा था कि उसके केशम आइलैंड इलाके में धमाके की आवाजें सुनी गई हैं। इस बीच ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने दावा किया है कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। IRIB ने इस हमले को फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और केशम द्वीप पर अमेरिका की तरफ से की गई शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब बताया। सरकारी टीवी ने कहा कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया गया है।

बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन बजाए जाने की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को एक चेतावनी सायरन बजाया गया जिसमें नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सुरक्षा संबंधी आधिकारिक निर्देशों को पालन करते हुए करीब सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई थी।
अमेरिकी सेना का ईरान पर जवाबी हमला
मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों की निगरानी करने वाले सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान की कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसने यह भी बताया कि ईरान के हमलों के जवाब में केशम द्वीप पर हमला किया है। बयान में कहा गया कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, उनमें से कोई भी अपने तय लक्ष्यों तक नहीं पहुंच पाई। कुवैत पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें या तो लक्ष्य से पहले ही गिर गईं या रास्ते में ही टूट गईं। बहरीन पर दागी गईं तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन की वायु रक्षा सेनाओं ने तुरंत रोक लिया।
अमेरिका, इजरायल द्वारा ईरान पर बीते तीन महीनों से लगातार हो रहे हमलों से पूरी दुनिया में प्रभाव पड़ रहा है। ईरान किसी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट जो पूरी दुनिया में आयात होने वाले गैस व पेट्रोल – डीजल का प्रमुख केन्द्र है, वहां ईरान ने प्रतिबंध लगाकर टोल वसूलने जैसी व्यवस्था भी कर रहा है। इसका मुख्य कारण अमेरिका की मनमानी और लगातार जबरन किये जा रहे हमले से उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों का मुकाबला करना है। हालांकि ईरान अमेरिका की हर कार्यवाही का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।





