
बस्ती (उ.प्र.)। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जून सोमवार को पदाधिकारियों और व्यापारियों के प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
ज्ञापन में मांग किया कि गांधीनगर जलकल स्थित बंद शौचालय एवं वाटर एटीएम के संचालन तथा जनपद के सभी वाटर एटीएम को शुरू कराया जाय।
गांधीनगर जलकल परिसर में कोई पिंक टॉयलेट संचालित नहीं-राकेश कुमार सिंह
ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिला उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक’’ में नगर पालिका परिषद, बस्ती के अधिशासी अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि गांधीनगर जलकल परिसर में वाटर एटीएम एवं पिंक टॉयलेट संचालित हैं, जबकि गांधीनगर जलकल परिसर में कोई पिंक टॉयलेट संचालित नहीं है, बल्कि वहां केवल महिला एवं पुरुष शौचालय निर्मित हैं। उक्त शौचालयों के अंदर एवं बाहर ताला लगा हुआ मिला तथा परिसर में व्यापक गंदगी फैली हुई पाई गई। स्थानीय नागरिकों एवं आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त शौचालय का नियमित संचालन नहीं किया जाता है और अधिकांश समय यह बंद ही रहता है। कहा कि जनहित में इसे शीघ्र सही कराया जाय।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के मण्डल अध्यक्ष हरिमूर्ति सिंह ‘मनोज’ कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे समय में जनपद में स्थापित लगभग 15 वाटर एटीएम बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता, राहगीरों, व्यापारियों एवं अन्य नागरिकों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की सुविधा प्राप्त नहीं हो पा रही है। इसे सही कराया जाय।
डीएम को सौंपे 7 सूत्रीय ज्ञापन में गांधीनगर जलकल परिसर स्थित महिला एवं पुरुष शौचालय को तत्काल जनसामान्य के उपयोग हेतु संचालित कराये जाने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, स्वच्छता सुनिश्चित कराने, गांधीनगर जलकल स्थित बंद वाटर एटीएम को तत्काल चालू कराये जाने, जनपद में स्थापित सभी वाटर एटीएम की जांच कराकर उन्हें नियमित रूप से संचालित कराये जाने, गांधीनगर क्षेत्र सहित जनपद के अन्य स्थानों पर भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने, महाराजगंज बाजार में एन एच 27 के सर्विस रोड में आर.सी.सी सड़क के गुणवत्ताविहीन सड़क निर्माण की जांच कराकर मानक के अनुसार निर्माण कराने आदि की मांग शामिल है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल जिला महामंत्री आलोक कुमार दूबे, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह, नगर अध्यक्ष राणा महेन्द्र प्रताप, उद्योग मंच जिलाध्यक्ष कमलेश चौधरी, महिला मोर्चा वंदना वर्मा, भरतराम बबलू गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, धीरेन्द्र कुमार चौधरी, राम गोपाल सिंह आदि शामिल रहे।
बहुजन मुक्ति पार्टी ने किया आन्दोलन, राष्ट्रपति को भेजा 15 सूत्रीय ज्ञापन
बहुजन समाज के लोगों की आर्थिक कमर तोड़ने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही है सरकार-बुद्धेश राना
बस्ती । रविवार को बहुजन मुक्ति पार्टी ने जनहित के सवालांे को लेकर तीसरा चरण में धक्का मारो आंदोलन करते हुये 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुये जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा । पदाधिकारी शास्त्री चौक से कार, मोटरसाइकिल को पैदल धक्का मारते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, खाद संकट को लेकर सरकार का ध्यानाकर्षण किया।

बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष बुद्धेश राना, युवा विंग जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गौतम नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा सहित कई संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे । ज्ञापन में घरेलू गैस, स्मार्ट मीटर, बिजली मूल्य वृद्धि, डीजल, पेट्रोल सहित जनहित के 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुये निर्णायक पहल की मांग किया गया।
भारत मुक्ति मोर्चा के पूर्वांचल जोन प्रभारी आर. क.े आरतियन, मंडल अध्यक्ष हृदय गौतम , प्रदेश अध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी मोर्चा बुद्ध प्रिय पासवान आदि ने ज्ञापन सौंपने के बाद कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई, बेरोजगारी पर अंकुश लगाने में विफल है। स्मार्ट मीटर द्वारा अधिकतम बिजली बिल उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है, ऊपर से बिजली को 10 प्रतिशत और महंगा कर दिया गया। महंगे घरेलू गैस और कॉमर्शियल गैस एवं महंगे पेट्रोल-डीजल ने देश के बहुजन समाज के लोगों की आर्थिक कमर तोड़ने का सुनियोजित षड्यंत्र केन्द्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि एक तरफ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के द्वारा जनता के वोटों की चोरी हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट के द्वारा जनता को लूटा जा रहा है। विद्युत सप्लाई ना करते हुए भी उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर द्वारा बिल थोपा जा रहा है। इस पर रोक लगाया जाय। घरेलू गैस रूपया 1500 से लेकर 2000 तक और कॉमर्शियल गैस रू. 2500 से लेकर रू. 3500 तक महंगा कर दिया है। देश के प्रत्येक नागरिकों को रोजी-रोटी, कपड़ा-मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश की आम जनता परेशान है। घरेलू गैस सिलेण्डर के लिये लोग परेशान है, कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति रूकने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट का काम पूरी तरह से ठप हो चुका है। इसके कारण बेरोजगारी लगातार बढ रही है। गैस एजेंसियां एजेंटां के माध्यम से काला बाजारी कर ब्लैक से महंगे कीमतों में सिलेण्डर गैस बेच रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने कर्मचारी, किसान-श्रमिक, युवा-छात्रों को प्रभावित किया है। मांग किया कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार जनता का अनावश्यक उत्पीड़न बंद करे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी छात्रा प्रकोष्ठ सोनी, दिनेश कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ,डा रिफाकत अली, चंद्रावती देवी, वीरेंद्र कुमार , चरनदासी, एडवोकेट भूपेंद्र चौधरी, मेहीलाल,दीपक आर्य आदि शामिल रहे।




