
गोरखपुर। सख्त गर्मी में एक तरफ जहां इंसान परेशान हैं, वही जानवर भी इससे अछूते नहीं। ऐसे में ईद उल अजहा का त्योहार नजदीक है। देश के मुख्य बाजारों में कुर्बानी के लिए हलाल होने वाले जानवरों खास कर बकरों का बाजार लगा हुआ है। कमोबेश यही स्थिति गोरखपुर के बाजारों में भी है। खासकर उर्दू बाजार, रेती चौक, नखास जैसी जगहों पर बकरे विभिन्न रेटों पर बेचे जा रहे हैं। इन्हें खरीदने के लिए खरीददार दूर दराज से पहुंच रहे हैं। उनकी कीमत भी मुंहबोली है।

ऐसे में गोरखपुर के एक शख्स ने भी दो बकरे खरीदे हैं, जिनकी कीमत 55000 बताई जा रही है और इनका नाम शाहरुख और सलमान रखा गया है। बकरों को बड़े ही लाड प्यार से घर में रखा गया है। दोनों बकरे ऐसी और कूलर में आराम फरमा रहे हैं। उनके लिए बाकायदा बिस्तर लगाने के अलावा खाने-पीने के सामान रखे गए हैं। दोनों एसी वाले कमरे से बाहर ही नहीं आना चाहते। वहीं परिजनों से लेकर बच्चे भी उन्हें दुलार रहे हैं। इस वक्त सलमान और शाहरुख दोनों ही कौतूहल का विषय बने हुए हैं। उनकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर अखबारों में भी है।

भीषण गर्मी के बीच ईद उल अजहा पर्व को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। गोरखपुर के बाजारों में भीड़ है, खासकर बकरा मंडी जहां दूरदराज से विभिन्न नस्लों के बकरे लाए गए हैं। कोई बड़े कान वाला है, तो कोई चितकबरा है तो कोई ऊंची नस्ल का है तो कोई छोटी नस्ल। इनके रेट भी 5000 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक हैं, हालांकि विक्रेताओं का कहना है कि यह अल्लाह की इबादत में कुर्बान होने वाले बकरे हैं इनकी कोई निश्चित कीमत नहीं, मुंहबोली कीमत मांगी जाती है। जिस भाव में तय हो जाए उसी भाव में कस्टमर को दे दिया जाता है।
सैयद कासिफ ने बताया कि दोनों बकरों को जामा मस्जिद उर्दू बाजार वाले बाजार से खरीदा है। बकरों को चना, बेल, पत्ता वगैरह खिलाया जा रहा है। भीषण गर्मी की वजह से बकरे एसी व कूलर वाले कमरे से बाहर नहीं निकल रहे हैं। खूब आराम कर रहे हैं। बकरों के लिए बाकायदा बिस्तर और तकिया का इंतजाम किया गया है। इन्हें खाने-पीने के लिए बेल, काजू, बादाम, हरे पत्ते और पौष्टिक चीज दी जा रहे हैं।
बच्चे भी इन दोनों बकरों को देखकर बेहद खुश हैं, कभी बकरे हमारी गोद में बैठते हैं, तो कभी किसी और की गोद में जाकर बैठ जाते हैं। इन दोनों से ही हमें पारिवारिक सदस्यों की तरह प्रेम हो चुका है। लेकिन अपने प्यारे जिगर के टुकड़ों यानी जिन्हें अपनी औलाद की तरह पाला जा रहा है, उन्हें आने वाली बकरीद के दिन अल्लाह के खिदमत में पेश कर दिया जाएगा। यह बकरे गोरखपुर के बाजार में अजमेर से लाए गए हैं, जो ऊंची और बड़ी नस्ल के होते हैं। इनके कान बड़े होते हैं।
भू-माफियाओं ने पति को मारा पीटाः पीड़िता ने एसपी से लगाया न्याय की गुहार
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के सरायघाट उर्फ लालगंज में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। निशा देवी पुत्री सूर्यलाल ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर अपने परिवार के जान माल की रक्षा और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग किया है। एसपी को दिये पत्र में निशा देवी ने कहा है कि वह चार बहने है। वह अपने पिता की सबसे छोटी संतान है।

उसने कहा कि वह अपने माता विधाता देवी तथा पिता सूर्यलाल के साथ लालगंज में रहते हुए अपने माता पिता की सेवा कर रही है उक्त जमीन जायदाद रामधनी का था जो उसको दिये थे। इसी दौरान उनकी माता के नाम दर्ज जमीन कुछ लोग कब्जा करने लगें। तब उसके पिता भी सूर्यलाल ने संजीत पुत्र रामपलट विश्वकर्मा साकिन जिगिना देवा थाना लालगंज जिला बस्ती से मदद मांगने लगे। मदद के नाम पर संजीत ने उसकेे पिता सूर्यलाल को अपने मुट्ठी में कर लिये और खेत व्यापार का मैनेजमेन्ट शुरू कर दिया।

संजीत ने उसे औरे परिवार को लालगंज से मारपीट कर निकालने का प्रयास शुरू कर दिये । उसकी सगी मां के नाम जो भी खेत जमीन लालगंज बाजार में थी उनकी कीमत लगभग पांच करोड है जिसको संजीत और संदीप व अरुण और अजय वर्मा तथा चार पांच अन्य गोल बनाकर अपहरण करके एक ही दिन में बैनामा करा लिए। विधात्ता देवी को एक ही दिन में सात बैनामा लिखने की कोई आवश्यकता नहीं थी। कोई रूपया नहीं दिया गया है। संजीत और अरूण आदि भूमाफिया है । उन लोगों ने गत 25 मई को उसे घर में घुस कर मारा-पीटा । उसके पति के सीने पर अभी भी नीला निशान है जमीन जायदाद बेचने की कोई वजह होती है। उसके माता पिता 80 -82 साल के है और उनका अपहरण करके उन्हें कही जबरिया रोक रखा गया है। उक्त लोग लालगंज बाजार स्थित उसके के घर का सारा सामान सोना चांदी रूपया पैसा लाकर तोडकर उठा ले गये। कापी किताब कास्मेटिक की दुकान का सामान भी उसे भी उठा ले गये। उसने 112 नम्बर डायल किया और पूरा लालगंज बाजार इक्कठा हो गया तब अपराधी भाग गये लेकिन स्थानीय पुलिस मदद नहीं कर रही है।




