
कोलकाता। उत्तर प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस इन काउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को बंगाल में निर्वाचन आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और शर्मा ने अपना काम भी करना शुरु कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रैंड सांसद महुआ मोइत्रा ने यूपी कैडर के तेजतर्रार आईपीएस और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ अजय पाल शर्मा का एक कथित वीडियो साझा कर सनसनी फैला दी है। इस वीडियो में एक शख्स रंगीन लाइटों के बीच महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर थिरकता नजर आ रहा है, जिसे महुआ मोइत्रा ने आईपीएस अजय पाल शर्मा बताया है। उन्होंने अधिकारी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘फेयर एंड लवली बाबुआ’ और ‘फेंटा कॉप’ (FantaCop) करार दिया। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब अजय पाल शर्मा बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात हैं और हाल ही में उन्होंने टीएमसी नेता को सख्त चेतावनी दी थी।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान और उत्तर प्रदेश के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से जुड़ा एक मामला सामने आया है। एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के घर के बाहर खड़े होकर वहां के लोगों और जहांगीर के परिवार से ये कहते नजर आ रहे हैं कि जहांगीर को समझा देना, लोगों को धमकाना बंद कर दे। वरना अच्छे से उसकी खबर लेंगे। चुनाव आयोग ने आईपीएस अजय पाल शर्मा को बंगाल चुनावों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वीडियो वायरल होने के बाद और मीडिया में खबर लगने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और टीएमसी का बयान सामने आया है। अखिलेश ने अजय पाल शर्मा को भाजपा का एजेंट बताया है। अखिलेश ने कहा कि अजय पाल शर्मा टेस्ट किए हुए एजेंट हैं। सही समय आने पर इनकी जांच होगी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव ने X पर लिखा, ‘प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जर्वर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किए हुए अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी।’ उन्होंने लिखा, ‘सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ‘अखिलेश ने लिखा, ‘ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए कानूनी सजा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे।’
नेताओं की यह टिप्पणियां और भाषा अपने आप इनके मंसूबों की गवाही दे रही हैं। ये स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने की भाषा नहीं है। ये अनर्गल प्रलाप से किसी के कार्य में बाधा पहुंचाने जैसा है। जानकारों की मानें तो पश्चिम बंगाल के इस विधानसभा चुनाव में प्रथम चरण में पड़े भारी वोट से और बेहतर सुरक्षा प्रबंधन से द्वितीय चरण के लिए जनता में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में ही ममता बनर्जी ने बंगाल की संस्कृति और खान-पान की पसंद को लेकर भाजपा पर इन्हें बदल देने और प्रतिबंध लगा देने की संभावनाओं का आरोप लगाते हुए भाजपा को नकारने की अपील की थी, जिसके जवाब में कई भाजपा नेताओं ने मछली भात खाते हुए अपना फोटो सोशल मीडिया पर साझा किया था।





