
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने तीसरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली है। भारतीय टीम दुनिया की इकलौती टीम है, जिसने तीन बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। दुबई में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को न्यूजीलैंड की ओर से जीत के लिए 252 रन का लक्ष्य मिला था। जिसे भारतीय टीम ने 49 ओवर में छह विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
इससे पहले 2002 में भारत श्रीलंका के साथ चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त विजेता बना था। वहीं 2013 में धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया चैंपियन बनने में कामयाब रही थी। रोहित शर्मा को 76 रन की पारी खेलने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। रोहित शर्मा की 76 रन की पारी के अलावा भारत को विजेता बनाने में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी का भी अहम योगदान दिया। कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती ने दो – दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 25 साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मिली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया। वर्ष 2000 में न्यूजीलैंड भारत को चार विकेट से मात देकर चैंपियन बना था। 
भारतीय पारी की दूसरी गेंद पर ही कप्तान रोहित शर्मा ने छक्का लगाकर बड़ी पारी खेलने के इरादे जाहिर कर दिए थे। रोहित शर्मा ने इतनी कमाल की बल्लेबाजी की कि पहले पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 64 रन था। इन 64 रनों में रोहित शर्मा ने 49 रन का योगदान दिया था, जबकि गिल के बल्ले से महज 10 रन ही आए थे।
पहले पावरप्ले के तुरंत बाद रोहित शर्मा ने 41 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। रोहित शर्मा को कमाल के फॉर्म में देखकर शुभमन गिल ने भी हाथ खोलना शुरू किया और 17 ओवर में ही भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 100 रन हो गया था। 
जिस पिच पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाज सिंगल लेने में मुश्किल का सामना कर रहे थे उसी पिच पर रोहित शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी बड़ी आसानी से गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेज रही थी। हालांकि सैंटनर और ब्रेसवेल ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से न्यूजीलैंड को मैच में वापस लाने की कोशिश की। भारतीय पारी के 19वें ओवर की चौथी गेंद पर सैंटनर ने शुभमन गिल को फिलिप्स के हाथों कैच आउट करवाया। अगले ही ओवर में पहली गेंद पर ब्रेसवेल ने विराट कोहली को एल्बीडब्ल्यू आउट किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार फॉर्म में रहे विराट कोहली फाइनल मुकाबले में दो गेंद का सामना ही कर पाए और उन्होंने एक रन बनाया। 
दो विकेट गिरने की वजह से भारत के रन बनाने की रफ्तार धीमी हुई। कप्तान रोहित शर्मा बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में रचिन की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। रोहित शर्मा ने 83 गेंद पर 76 रन की पारी खेली। लेकिन श्रेयस अय्यर ने कांउटर अटैक किया और न्यूजीलैंड को मैच में वापसी करने का मौका नहीं दिया। अय्यर ने 48 रन की पारी खेली। वहीं केएल राहुल ने 34 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। न्यूजीलैंड के कप्तान सैंटनर और ब्रेसवेल दो-दो विकेट लेने में कामयाब रहे। 
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। पहले पावरप्ले में तो ओपनर्स विल यंग और रचिन रविंद्र ने कप्तान सैंटनर के फैसले को सही साबित किया। लेकिन कप्तान रोहित शर्मा को वरुण चक्रवर्ती ने एक बार फिर अहम मौके पर सफलता दिलाई। वरुण ने 8वें ओवर की पांचवीं गेंद पर विल यंग को पवेलियन वापस भेजा।
पहले पावरप्ले का अंत होते ही कप्तान रोहित शर्मा ने कुलदीप यादव पर दांव लगाया। रोहित शर्मा का यह दांव काम कर गया और उन्होंने मैच में अपनी पहली ही गेंद पर रचिन को बोल्ड कर दिया।






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