
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में करीब सवा महीने से चल रही जंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीज फायर की घोषणा के बाद रूक गयी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन गई है। ईरान ने भी आधिकारिक तौर पर युद्धविराम स्वीकार कर लिया है। खबरों के मुताबिक सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने खुद इसे मंजूरी दी है।

डेडलाइन से डेढ़ घंटा पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट पर सीजफायर का ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान के साथ सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन गई है और 2 हफ्ते के अंदर समझौते के प्रस्ताव को आखिरी रूप दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोल देगा। ये भरोसा उन्हें पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका पहले ही सभी सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त कर चुका है और उनसे आगे भी बढ़ चुका है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान की तरफ से 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है जो बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार है। सीजफायर को लेकर व्हाइट हाउस के बयान के बाद ईरान ने भी अपनी सहमति जता दी है। विदेश मंत्री अराघची ने X पोस्ट के जरिए अपनी 10 सूत्री शर्तों को माने जाने के बाद दो हफ्तों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सेफ पैसेज देने पर सहमति जता दी है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पोस्ट पर लिखा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आग्रह और अमेरिका द्वारा ईरान की 15 शर्तों जिसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने 10 प्रस्तावों का ऐलान किया है, उस पर सहमति बनने के बाद मैं पुष्टि करता हूं कि अगर ईरान के खिलाफ हमले रोके जाते हैं तो हमारी पॉवरफुल सेना डिफेंसिव ऑपरेशन को रोक देगी। ईरान आर्म्ड फोर्सेज के समन्वय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 2 हफ्तों के लिए सेफ पैसेज दिया जा सकेगा।
ईरानी प्रस्ताव में 10 बिंदु
ईरान की ओर से पहला प्रस्ताव अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता है। जिसमें वह चाहता है कि भविष्य में ईरान पर आक्रमण नहीं करने की मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले। दूसरा होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना यानि होर्मुज को खुला रखने पर ईरान अपनी शर्तें तय करेगा। कोई भी विदेशी ताकत (खासकर अमेरिका) इसके इस्तेमाल पर दबाव नहीं डाल सकेगी। तीसरा प्रस्ताव यूरेनियम संवर्धन की स्वीकृति, चौथा प्रस्ताव सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना, पांचवां प्रस्ताव इजरायली अटैक रोकने की मांग, छठां प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना, सातवां प्रस्ताव बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना है। आठवां सबसे बड़ा प्रस्ताव ईरान को मुआवजे का भुगतान करना है जिसमें युद्ध में ईरान को हुए सभी तरह के बुनियादी नुकसान का मुआवजा (क्षतिपूर्ति) दी जाए। नौवां प्रस्ताव क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और खाड़ी क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करना है। दसवां प्रस्ताव लेबनान और गाजा में भी युद्ध की समाप्ति जिसमें लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर युद्ध विराम।

ईरान ने आधिकारिक तौर पर युद्धविराम स्वीकार कर लिया है। खबरों के मुताबिक सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने स्वयं इसे मंजूरी दी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन ने अंतिम समय में हस्तक्षेप करते हुए ईरान से “लचीलापन दिखाने” का आग्रह किया। तीन ईरानी अधिकारियों ने आर्थिक तबाही और बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान को लेकर बढ़ती चिंताओं को इसका मुख्य कारण बताया। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की और चीन ने इसे अंतिम रूप दिया।





