
बस्ती (उ.प्र.)। बस्ती नगर की एकलव्य बस्ती के संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाज के जागरूक नागरिकों द्वारा एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन आनंदनगर कटरा में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम मे अपने विचार रखते हुए आज के कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र धर्म जागरण संयोजक श्रीमान अभय जी ने विस्तार से सनातन संस्कृति, हिन्दू जीवन पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जितने कम समय में इस्लाम और ईसाईयत को मानने वालों की संख्या बढ़ी है।उसका कारण सिर्फ लुभाव, प्रभाव, दबाव है। हमारे ही कुछ लोग लोभ वश, भौतिक सुविधा के प्रभाव में कुछ तलवारों के बल मार्ग बदल गए लोग हैं। आज दुनिया में जितने भी अहिन्दू हैं उनमें से अधिकांश के पूर्वज भारतीय अर्थात हिन्दू हैं सनातनी हैं। हमारी माताओं ने अपनी संतानो के दीर्घायु के लिए दायी के हाथ कुछ अन्न के बदले बेच कर उसका नाम बेचन, घूरहू, कतवारू रख उसकी प्राण रक्षा किया। अपने नाम पर दुःखी हो रहे। आज के हिन्दू युवा कृपया अपने माँ के त्याग बलिदान पर प्रश्न चिह्न न लगाएं। सभी मत एवं पंथ पहले हिन्दू ही थे।

इससे पूर्व कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि अयोध्या धाम हनुमान गढ़ी के महंत पूज्य डाॅ. महेश दास जी ने माताओं से आग्रह किया कि अपनी संतानो को कान्वेंट स्कूलो॔ में न पढ़ाकर गुरूकुल शिक्षा देकर सनातनी संस्कारों से जोड़ें। पूज्य महंत जी ने समाज को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकलापों जुड़ कर राष्ट्र जागरण, समाज जागरण के काम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अर्बन कोआपरेटिव बैंक के पूर्व सचिव, हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति बस्ती के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने तुलनात्मक हिन्दू जनसंख्या और दूसरे सम्प्रदायों की संख्या का वर्णित आंकड़ा बताते हुए कहा कि कम संख्या में होने के बाद भी हिन्दू संस्कृति, हिन्दू धर्म ही पूरे विश्व में श्रेष्ठ है। कार्यक्रम का संचालन सुबाष चंद्र शुक्ल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन एकलव्य बस्ती प्रमुख राकेश श्रीवास्तव ने किया। इसके पूर्व स्वास्ति वाचन, शंख ध्वनि के बीच अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेन्द्र नाथ तिवारी, डॉ. दिव्या तिवारी, सर्वेश श्रीवास्तव, राजदेव यादव, रविन्द्र गौतम, राकेश श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, महंत उपेन्द्र दास जी, राकेश पहलवान, महंत राणा दासजी, गोविंद दास जी, मनोज दास जी, लक्ष्मण दास जी, सुशील, आशीष दास जी, विनोद दास जी, ओंकार दास, अशोक दास, साहू गुप्ता, महंत राम फेर भारती, राम केश भारती, कन्हैया तिवारी, श्रीमती विभा सिंह, मनोज सिंह, सुनील श्रीवास्तव, जगन्नाथ निषाद, पंकज विश्वकर्मा, आशीष इन्द्रपाल, रामानन्द, नीरज जी, बृजेश मुन्ना, पंकज त्रिपाठी, जयेश सिंह, हनुमान, सूर्य प्रकाश शुक्ल, प्रवीन, सूरज, राम, श्याम, दिग्विजय, राजेन्द्र सिंह, बिनोद श्री, राजन,परमानन्द, संतोष, पवन, शिवेन्द्र, आशीष, आदित्य, सोनू वैभव, आशुतोष, शिवा कान्त, दिनेश श्रीवास्तव, मधुरेश, राकेश त्रिपाठी, चंद्र शेखर, आराधना, सुनयना, पुष्पा, पूनम यादव, पद्मावती, बबली पांडे, संध्या, सिद्ध, वंश, राधेश्याम, सुशील अभय, आदर्श, डाॅ सौरभ, बाल कृष्ण, मुकेश, राघवेन्द्र, विजय प्रकाश, ओमप्रकाश, दिवाकर, भोलू सिंह उपस्थित रहे।





