
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रथम चरण के लिए मतदान समाप्त हो गया है। आज तेईस अप्रैल गुरुवार को बंगाल में पहले चरण के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले गए हैं। कुल 1 हजार 478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। कुल 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 44 हजार से अधिक मतदान केन्द्र स्थापित किए गये हैं। इनमें से सात हजार 384 मतदान केन्द्रों को अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। इस चरण में तीन करोड़ 60 लाख मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। पश्चिम बंगाल में आज 92 फीसदी से ज्यादा मतदान कर आज तक सबसे बड़ा रिकार्ड बनाया है।
मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है। आज कुल 44,376 बूथों पर वोटिंग होनी थी। जिसमें 5,444 बूथों का प्रबंधन महिलाओं को ही करना था। इसके साथ ही 207 मॉडल बूथ भी बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मतदान का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। लोकतंत्र के महापर्व में आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोट डाले गए। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान कराए गए। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले गए। शाम छह बजे आधिकारिक रूप से मतदान समाप्त हो गया। निर्वाचन आयोग की तरफ से मतदान प्रतिशत के आधिकारिक और अंतिम आंकड़े जारी किए जाने बाकी हैं।
चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्त ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव में बड़े स्तर पर किसी हिंसा की खबर नहीं मिली। कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर सामने आईं, लेकिन वे पिछले चुनावों की तुलना में बेहद कम रहीं। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हर बूथ पर सीआरपीएफ की तैनाती और गश्त जारी रही। आयोग के अनुसार, अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कंट्रोल रूम में आने वाली हर शिकायत की जांच कर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मैदान में करीब 200 माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात हैं, जो ईवीएम या किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत पीठासीन अधिकारियों को सक्रिय कर रहे हैं।
4 मई को परिणाम नहीं परिवर्तन आएगा: पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में बंपर वोटिंग पर पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा पर भरोसा बढ़ा है और तृणमूल कांग्रेस का भय का शासन पराजित हो रहा है। बंगाल में 4 मई को परिणाम नहीं, परिवर्तन आने वाला है। मैं साफ देख रहा हूं बंगाल में इस बार परिवर्तन की कमान बंगाल की बहनों ने संभाल रखी है क्योंकि निर्मम सरकार की सबसे बड़ी शिकार महिलाएं रही हैं। भारी मतदान बदलाव का संकेत दे रहा है। राज्य में मतदान का माहौल बदला हुआ है। भय जा रहा है, भरोसा आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जनता समझ चुकी है कि यह उनके अधिकार और पहचान बचाने की लड़ाई है। इसलिए लोग बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में मतदान कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि अगर तृणमूल को वोट नहीं मिला तो लोगों के अधिकार, संपत्ति और पहचान खतरे में पड़ सकते हैं। उन्होंने परिसीमन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि लोगों का भरोसा खत्म हो रहा है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की।





