
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी 67 साल की मां के साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी की उम्र 36 साल बताई जा रही है। पीड़ित महिला ने बताया कि आरोपी ने उसे बांधकर कई बार बलात्कार किया, और उससे पहले अपनी ही बेटी पर भी हमला किया। बुजुर्ग महिला किसी तरह खुद को छुड़ाने में कामयाब रही और उसने घटना का ब्योरा अपनी बेटी को दिया, जिसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्राथमिकी के अनुसार, घरों की सफाई और झाड़ू-पोछा करके परिवार का भरण-पोषण करने वाली महिला अपने बेटे और 16 वर्षीय पोती के साथ रहती है। प्राथमिकी में लिखा है, “मेरा बेटा शराबी है और घटना के समय वह बहुत नशे में था।” महिला ने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को कहासुनी के चलते उसके बेटे ने अपनी बेटी को थप्पड़ मारा और बाहर चला गया। इसके बाद बेटी उसी इलाके में अपनी मौसी के घर चली गई। मां ने आरोप लगाया, “वह नशे की हालत में घर लौटा। मैंने उसे खाना दिया, लेकिन उसने मेरे हाथ-पैर बांध दिए और मेरा बलात्कार किया।”
पीड़िता ने बताया कि उसके बेटे ने रात भर उसके साथ रेप किया। आरोपी के सो जाने के बाद वह सुबह करीब 4 बजे किसी तरह खुद को मुक्त कराने में कामयाब रही और अपनी बेटी को बुलाने के लिए बाहर भागी, जिसने पुलिस को सूचना दी। पीड़िता और उसकी पोती की मेडिकल जांच कराई गई। पुलिस ने बताया कि एक अपराध दल ने घटनास्थल का दौरा किया और सबूत जुटाए। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने पीएम + सीएम को भेजा ज्ञापन
बस्ती (उ. प्र.)। राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय, मंत्री उदय प्रताप पाल के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। मांग किया कि समस्याओं का प्रभावी निस्तारण कराया जाय। डीएम कार्यालय पर सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक अपनी मांगों को लेकर गरजे और कहा कि भेदभाव की नीतियां समाप्त करायी जाय।

ज्ञापन सौंपने से पूर्व एसोसिएशन जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय, मंत्री उदय प्रताप पाल ने कहा कि देश के पेंशनरों में बहुत बड़ा असंतोष इस कारण से है कि उन्हें 8 वें वेतन आयोग की सीमा में नहीं रखा गया है। इस सम्बन्ध में संगठन द्वारा अनेक पत्र भेजे गये हैं एवं कार्यक्रम किये गये हैं, किन्तु समस्यां ज्यों की त्यों बनी हुई है। इस समस्या का सरकार शीघ्र समाधान कराये। जिलाधिकारी कार्यालय के परिसर में आयोजित धरने को माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय महामंत्री अनिरूद्ध त्रिपाठी, सेवा निवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद जिलाध्यक्ष राम बहोर मिश्र, सेवानिवृत्त कर्मचारी नगर पालिका परिषद अध्यक्ष राम नरायन चौधरी, महामंत्री सर्वेन्द्र सिह, संरक्षक सत्यदेव शुक्ल, पेंशनर एसोसिएशन उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र, अरूण कुमार पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, राजकीव वाहन चालक संघ के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश, कोषागार कर्मचारी संघ अध्यक्ष अखिलेश पाठक, मंत्री आलोक श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र दूबे, श्रीनाथ मिश्र आदि ने सम्बोधित करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार भेदभाव वाला नियम वापस ले। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के धरने को समर्थन देते हुये राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद आदि ने कहा कि मांगे जायज है। इसे तत्काल पूरा कराया जाय। अध्यक्षता नरेन्द्रदेव मिश्र ने किया।

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे 10 सूत्रीय ज्ञापन में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को हटाते हुये पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाये जाने, भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 29-08-2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों के लिए अलग सी०पी०आई० बनाने, उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ के निर्णयानुसार लम्बी सेवा अवधि का लंबित वेतन है, वह नान कन्ट्रीक्यूटरी व अनफण्डेड नहीं है, इसलिए ओ०पी०एस० बहाल किये जाने, पेंशनरों के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष पर बन्द करने, 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात् प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन की वृद्धि किये जाने, पेंशन को आयकर से मुक्त रखे जाने, कोरोना काल के 18 महीने के डी०ए०, डी०आर० के एरियर का भुगतान किये जाने, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट दिये जाने, आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार कराने की सीमा को 10 लाख किये जाने, मंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन, पेंशन में मर्ज किये जाने आदि की मांग शामिल है।

यह जानकारी देते हुये एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी एल.के. पाण्डेय ने बताया कि धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सुरेशधर दूबे, सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, ई. रामचन्द्र शुक्ल, ई. देवी प्रसाद शुक्ल, श्रीगोपाल त्रिपाठी, विष्णु चन्द्र श्रीवास्तव, शम्भूनाथ मिश्र, राधेश्याम तिवारी, श्यामधर सोनी, जंग बहादुर, राम कुमार पाल, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, रामकुमार लाल, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, छोटेलाल यादव, अनन्तधर दूबे, बुद्धिसागर पाण्डेय, दीनानाथ शुक्ल, कन्हैया प्रसाद सिंह, भगवान सिंह, करोडा देवी, कमल बहादुर सिंह, भगवानदास, बरसाती चौधरी, अंगिरा प्रसाद, मनोज कुमार श्रीवास्तव, घनश्याम लाल, वीरेन्द्र बहादुर सिंह, हरिश्चन्द्र पाल, मदनपाल सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, राजदेव पाण्डेय, साहबदीन विश्वकर्मा, रामतौल गौतम, मदनलाल गुप्ता, पुरूषोत्तम प्रसाद मिश्र, अशोक कुमार पाण्डेय, प्रेम प्रकाश मिश्र, उदयराज वर्मा, राजाराम मिश्र, जयनाथ सिंह, दिनेश चन्द्र पाण्डेय, ओम प्रकाश मिश्र, सुरेन्द्रनाथ उपाध्याय, भानु प्रताप सिंह, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, मुरलीधर शुक्ल, डा. नरेन््रद्र उपाध्याय, गणेशदत्त शुक्ल, रामधीरज यादव, जोखू प्रसाद यादव, गंगाराम मिश्र, धर्म प्रकाश उपाध्याय, श्यामलाल सिंह, ओम प्रकाश पाण्डेय, राम जियावन तिवारी, दयाशंकर चौरसिया, विद्यासागर, पेशकार मिश्र, इश्तियाक अहमद, गिरीश चन्द्र चौधरी, लक्ष्मीनारायण सिंह, आशाराम यादव, मंगलदेव शुक्ल, आलोक कुमार सिंह, गीता सिहं, सरोज त्रिपाठी के साथ ही बड़ी संख्या में सेवा निवृत्त कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के लोग उपस्थित रहे।





