
बस्ती (उ.प्र.)। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने सर्किट हाउस मंें कसौधन जाति के प्रमाण-पत्र जारी किये जाने में आ रही बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता किया। आयोग के सदस्य डा. आर.डी. सिंह, जर्नादन गुप्ता और चिरंजीव चौरसिया ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता और चार तहसीलदारों से बाधाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त किया। कहा कि कसौधन जाति के प्रमाण-पत्र 2019 के शासनादेश के अनुरूप जारी किये जाय।

अखिल भारतीय वैश्य कसौधन महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष पवन कसौधन, जिलाध्यक्ष वृजकिशोर कसौधन ने आयोग के सदस्यों को बताया कि बस्ती मण्डल में जान बूझकर अधिकारियों द्वारा कसौधन, कांदू समाज का जाति प्रमाण-पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है। इस सम्बन्ध मंें अनेकों बार आन्दोलन, धरना प्रदर्शन के बावजूद केवल आश्वासन मिला और स्थिति ज्यों की त्यौं बनी हुई है। पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के सदस्यों ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि कसौधन जाति के प्रमाण-पत्र 2019 के शासनादेश के अनुरूप जारी किये जाय। स्थलीय निरीक्षण और पूंछताछ के आधार पर जाति के प्रमाण-पत्र निर्गत हो। यदि आवेदक कसौधन और कांदू समाज के नहीं पाये जाते हैं तो किस उप जाति के हैं उसका उल्लेख किया जाय। बैठक में तहसीलदारों ने कहा कि कसौधन और कांदू समाज के लोग आवेदन करें, प्रमाण-पत्र निर्गत कराया जायेगा।
बैठक में मुख्य रूप से सुनील कसौधन ‘पिन्टू’, राजेश गुप्ता, पवन गुप्ता, धु्रव कसौधन, विनोद गुप्ता, वीरेन्द्र उर्फ बब्लू, राम विलास कसौधन, जयन्तीलाल गुप्ता, सतीश सोनकर, भरतलाल, कुन्दनलाल वर्मा, प्रेमचन्द्र, गौरव गुप्ता, आकाश कसौधन, संजय गुप्ता, विकास, राजेन्द्र कसौधन मनोज, हिमांशु, माता प्रसाद, माधव गुप्ता, अशोक गुप्ता, रामजी कसौधन, लक्ष्मी नरायन, राम अजोर, आशीष, शिव सहाय, सत्यनरायन, प्रदीप गुप्ता, वीरेन्द्र गुप्ता, शिवम गुप्ता, राम गोपाल के साथ ही अखिल भारतीय वैश्य कसौधन महासभा के अनेक पदाधिकारी, सदस्य शामिल रहे।




