प्रकाशनार्थ
हर्रैया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया की टीबी यूनिट की ओर से वर्ष 2025 के टीबी मुक्त पंचायत अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 35 ग्राम पंचायतों में एक पंचायत को गोल्ड, 10 पंचायतों को सिल्वर और 24 को कांस्य पदक से विकास खण्ड हर्रैया के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।
टीबी मुक्त पंचायत के तहत परसौड़ा ग्राम पंचायत को गोल्ड पदक प्रदान किया गया। वहीं देब्याबक्स पाण्डेय, मझौवा कुंवर, गोभिया, रानीपुर, खम्हरिया गंगाराम, बेलभरिया राम गुलाम, कोदई, केशवपुर, संग्रामपुर और चौकड़ी को सिल्वर पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा रमया, डुहवा मिश्र, छपिया बुजुर्ग, मझौवा बाबू, कौवाडाड़, बड़ेरिया कुंवर, पिपराकाजी, कोहल तिवारी, बांसगांव, औरातोंदा, पड़री मिश्र, मरवटिया भवन, महेवा कुंवर, निदुरी खमहौवा, पखेरी, सकरदहा, नरायनपुर तिवारी, भिरवा, रजौली, सुकरौली चौधरी, पटना, सरैया तिवारी, पीतपुर और इमिलियाधीश को कांस्य पदक दिया गया।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेन्द्र सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान भारत सरकार द्वारा टीबी रोग को खत्म करने के लिए शुरू किया गया एक जन-आंदोलन है। इस पहल को 24 मार्च 2023 को लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व का उपयोग करके टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
खण्ड विकास अधिकारी विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से गांवों को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि बीमारी की पहचान जितनी जल्दी होगी, मरीज का उपचार उतना ही प्रभावी रहेगा। पंचायत स्तर पर जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय से ही टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभय कुमार सिंह ने कहा कि टीबी को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सम्मानित पंचायतों को बधाई देते हुए कहा कि अभियान को आगे भी पूरी गंभीरता के साथ जारी रखा जाएगा।
एडीओ पंचायत जय प्रकाश राय ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब स्वास्थ्य विभाग के साथ ग्रामीण भी जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सभी प्रतिनिधि निक्षय मित्र बनकर टीबी मुक्त अभियान में अपनी भूमिका निभायें।
एसटीएस राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान के दौरान गांवों में टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जा रहा है और मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य टीम को मिले सहयोग से अभियान को मजबूती मिली है।
सटीएलएस संजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में निगरानी, जांच, उपचार और मरीजों के नियमित फॉलोअप की महत्वपूर्ण भूमिका है। टीम ने ग्राम पंचायतों के सहयोग से अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।
अभियान की सफलता में आशा कार्यकर्ताओं, सीएचओ, ट्रांसपोर्टर, एलटी, एसटीएलएस, एसटीएस तथा अधीक्षक की अहम भूमिका रही।




