
बस्ती (उ. प्र.)। स्व. कैलाश नाथ पाण्डेय सांस्कृतिक और पौराणिक परम्पराओं के अग्रदूत थे। सामाजिक चेतना के संवाहक थे। उन्होंने जीवन पर्यन्त आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया। वे दया करूणा और समानता के पक्षधर थे। स्व. पाण्डेय जी एक प्रख्यात शिक्षाविद होने के साथ साथ पौराणिक ग्रंथों वेदों और शास्त्रों के ज्ञाता भी थे। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमर मणि पाण्डेय के पिता स्व. कैलाश नाथ पाण्डेय की श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। श्री कैलाश नाथ पाण्डेय लक्ष्मी नारायण मंदिर करमा बाबा के महंत रहे।

वे किसान इण्टर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य थे। उनके पुत्र अमर मणि पाण्डेय व्यापार मण्डल प्रदेश उपाध्यक्ष तो हैं ही बस्ती में प्रसिद्ध अर्चना हॉस्पिटल एवं डीपीएस तथा यूरो किड्स के डायरेक्टर हैं। पूज्य कैलाश नाथ पाण्डेय ने 26 अगस्त बुधवार को अंतिम सांस ली और गोलोकवासी हो गये। वे बस्ती मण्डल मुख्यालय के निकट स्थित साऊंघाट विकास खण्ड के करमा महंथ गांव के निवासी थे। श्रद्धांजलि सभा में सुधीजनों ने कहा कि स्व. कैलाश नाथ पाण्डेय सांस्कृतिक और पौराणिक परम्पराओं के अग्रदूत थे। सामाजिक चेतना के संवाहक थे।

उन्होंने जीवन पर्यन्त आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया। वे दया करूणा और समानता के पक्षधर थे। स्व. पाण्डेय जी एक प्रख्यात शिक्षाविद होने के साथ साथ पौराणिक ग्रंथों वेदों और शास्त्रों के ज्ञाता भी थे। उनका अंतिम संस्कार श्रीधाम अयोध्या के पावन सरयू तट पर किया गया। इसके पूर्व शहर में अमर मणि पाण्डेय के निज निवास ‘रामायण’ पर लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये। इनके पौत्र डॉ. सत्यम पाण्डेय पुत्र अमर मणि पाण्डेय क्रिटिकल केयर एण्ड पेन मेडिसिन विशेषज्ञ हैं। हाल ही में उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में प्राप्त सम्मान को अपने बाबा को समर्पित किया। पं. कैलाश पाण्डेय अपने पीछे पुत्र – पुत्रियों, नाती – पोतों से भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं।

प्रेस क्लब महामंत्री वरिष्ठ पत्रकार महेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि हमारे पिताजी के गुरु श्री कैलाश नाथ पाण्डेय जी (कर्मा महंत) हमारे पिताजी के गुरु थे। वे करीब 92 वर्ष की आयु में गोलोक वासी हो गए। उन्होंने कहा कि पिताजी जब भी अपने गुरु की चर्चा करते थे तो हम लोग एक – एक घंटा सुनते थे। पूरी जिंदगी पिताजी ने गुरु शिष्य परंपरा का पालन करते हुए उनका बेहद सम्मान किया। एक शिक्षक के रूप में कैलाश बाबा हमेशा सभी छात्रों के मन मस्तिष्क में जीवित रहेंगे। प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद उपाध्याय एवं दैनिक समदर्शी के सम्पादक पुनीत दत्त ओझा ने कैलाश नाथ पाण्डेय को सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत सच्चा मार्गदर्शक बताया। व्यापारी नेता जयेश सिंह मुन्ना एवं सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी भूपेन्द्र सिंह ने स्व. पाण्डेय जी के जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए उनके बताये मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि कहा है।

(पिताजी के साथ अमर मणि पाण्डेय)
स्व. कैलाश नाथ पाण्डेय को श्रद्धांजलि देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश दूबे, भावेश पाण्डेय, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, नरायन ट्रांसपोर्ट के रमेश चन्द्र सिंह, डॉ. सुधांशु द्विवेदी, व्यापारी नेता बृजेश सिंह मुन्ना, सूर्य कुमार शुक्ल, अमित सिंह राहुल, सुबाष शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चन्द्र पाण्डेय, जीवन बीमा अभिकर्ता संगठन के मण्डलीय अध्यक्ष राम विनय पाण्डेय, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संजय द्विवेदी, डॉ. अमित नायक, कुलविंदर सिंह मजहबी, डॉ. विनीता नायक, तारकेश्वर टाईम्स के सम्पादक आमोद उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार रजनीश त्रिपाठी, राकेश गिरि, अंकुर श्रीवास्तव, अनिल पाण्डेय, कपीश मिश्र एवं अजय श्रीवास्तव सहित समाज के सभी वर्गों के प्रबुद्धजन शामिल रहे।





