
बस्ती (उ.प्र.)। सरकार की पारदर्शिता और तबादला नीति को दरकिनार कर बस्ती मण्डलायुक्त कार्यालय में कुछ कर्मचारी पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। हिन्दू युवा वाहिनी ने इसे सरकार की मंशा पर पानी फेरना बताते हुए राजस्व परिषद लखनऊ से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और तत्काल स्थानांतरण की मांग की है।

हिन्दू युवा वाहिनी के जिला महामंत्री कन्हैया लाल ने 12 अगस्त 2026 को राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजे स्मरण-पत्र में कहा कि बस्ती और संतकबीर नगर कलेक्ट्रेट के 6 कर्मचारी वर्षों से आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।
“3 साल का नियम, 12 साल से जमे”
पत्र में आरोप लगाया गया कि सरकार का स्पष्ट शासनादेश है कि कोई भी कर्मचारी 3 वर्ष से अधिक एक ही कार्यालय में कार्य नहीं कर सकता। इसके बावजूद ये कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं। लंबे समय तक एक ही पद पर रहने के कारण इनके खिलाफ भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और आचरणहीनता के आरोप भी लग रहे हैं। कन्हैया लाल ने कहा, कि “एक ही जगह जमकर ये लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं। इससे न सिर्फ शासन की मंशा को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि आम जनता का काम भी प्रभावित हो रहा है।”
इन पर लगे आरोप
शिकायत में जिन 6 कर्मचारियों के नाम शामिल हैं उसमें शैलेष कुमार श्रीवास्तव वरिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट बस्ती, अनुपम कुमार वरिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट बस्ती, आलोक कुमार सिंह कनिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट बस्ती, सलम श्रीवास्तव कनिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट बस्ती, राजेश रसाल वरिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट संतकबीर नगर एवं सौरभ श्रीवास्तव वरिष्ठ सहायक, कलेक्ट्रेट संतकबीर नगर शामिल हैं।
6 बार शिकायत, कोई कार्रवाई नहीं
हिन्दू युवा वाहिनी का कहना है कि इस संबंध में आयुक्त कार्यालय को 07. 01. 2026, 13. 01. 2026, 11.04.2026, 25.05.2026, 09. 06. 2026, 01.07.2026 को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्य सचिव के आदेश का हवाला
पत्र में मुख्य सचिव एस०पी० गोयल के 05 मई 2026 के शासनादेश संख्या 2/2026/93 का भी जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि 7 वर्ष एक मण्डल में पूरा करने वाले कार्मिकों का अन्य मण्डल में स्थानांतरण अनिवार्य है। संगठन ने मांग की है कि इन सभी कर्मचारियों को तत्काल बस्ती मण्डल से हटाकर अन्यत्र भेजा जाए, और उनके आचरण की जांच कर दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और आयुक्त बस्ती मण्डल को भेजी गई है।





