
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। आयुक्त सभागार में मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह के सेवानिवृत्त होने पर भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि श्री सिंह ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया। उनके मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया। 31 जुलाई शुक्रवार को आयोजित समारोह के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सरल स्वभाव, अनुशासनप्रियता और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग और अनुभव उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियां रहेंगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या पूनम, डीएफओ डॉ. शिरीन सिद्दीकी, अपर आयुक्त प्रशासन मनोज कुमार तिवारी, संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी, मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती, उप जिलाधिकारी सदर हिमांशु कुमार, उमाकान्त तिवारी, शत्रुघ्न पाठक, राजेश यादव, प्रशासनिक अधिकारी सन्तोष कुमार पाण्डेय, मण्डल के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विदाई समारोह के मौके पर सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह को उनके सफल, निष्ठावान और प्रेरणादाई कार्यकाल के समापन एवं सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएँ देते हुए उनकी प्रशासनिक क्षमता को इस शेर के माध्यम से व्यक्त किया –
“बुरे नहीं हैं जुगनू भी रोशनी की खातिर,
मगर चिरागों की तो बात ही कुछ और है।”
उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त के रुप में उनके सेवाकाल का हर एक दिन कर्तव्यनिष्ठा, कुशल नेतृत्व और जन-सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। जिस प्रकार एक सशक्त चिराग अपनी रोशनी से पूरे वातावरण को रोशन कर देता है, उसी प्रकार आपके मार्गदर्शन और निर्णयों ने बस्ती मण्डल को एक नई दिशा और पहचान दी है।

आज का दिन हमारे लिए अत्यंत भावुक करने वाला है। शासकीय सेवा की यह परंपरा है कि जो यात्रा शुरू होती है, उसका एक पड़ाव सेवानिवृत्ति भी होता है। लेकिन आदरणीय अखिलेश सिंह सर ने अपने कार्यकाल के दौरान जो कार्य संस्कृति और आत्मीयता स्थापित की है, वह सदैव हमारे बीच एक मिसाल बनकर रहेगी।

उन्होंने कहा कि आपकी कार्यशैली को देखकर बस यही पंक्तियाँ याद आती हैं कि छोटी-मोटी कोशिशें अपनी जगह होती हैं, लेकिन जब बात एक सच्चे, अनुभवी और प्रभावकारी नेतृत्व की आती है तो ‘चिरागों की बात ही कुछ और होती है।’ उन्होंने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद-समृद्ध उत्तर-सरकारी जीवन की मंगल कामना की। करते हैं।” आपका सेवानिवृत्त जीवन आनंदमय, स्वास्थ्यवर्धक और नई उपलब्धियों से परिपूर्ण हो।






