
बस्ती (उ.प्र.)। जनपद में नव निर्मित जिला पंचायत कार्यालय के उद्घाटन समारोह के बाद एक तस्वीर ने पूरे कार्यक्रम को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उद्घाटन के दौरान जिस शिलापट्ट का अनावरण किया गया, वह स्थायी रूप से स्थापित नहीं हो सका था और उसे अस्थायी रूप से लकड़ी की फट्टी के सहारे खड़ा किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं, जिसके बाद उद्घाटन की जल्दबाज़ी को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी द्वारा नव निर्मित जिला पंचायत कार्यालय का लोकार्पण किया गया। लेकिन समारोह के दौरान मौजूद लोगों ने देखा कि शिलापट्ट अपने निर्धारित स्थान पर मजबूती से स्थापित नहीं था। उसे गिरने से बचाने के लिए लकड़ी की फट्टी का सहारा दिया गया था। इस दृश्य ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भी हैरान कर दिया। कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई कि जब शिलापट्ट की स्थापना सहित सभी तैयारियां पूरी नहीं हुई थीं, तब उद्घाटन की इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखाई गई। लोगों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक भवन का लोकार्पण तभी किया जाना चाहिए, जब निर्माण कार्य और उससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी तरह संपन्न हो चुकी हों। यदि शिलापट्ट ही स्थायी रूप से स्थापित नहीं हो पाया था, तो कार्यक्रम को कुछ समय के लिए स्थगित किया जा सकता था।
इस घटनाक्रम के बाद यह प्रश्न भी उठने लगे हैं कि क्या उद्घाटन की कोई पूर्व निर्धारित समय-सीमा थी अथवा किसी विशेष कारणवश कार्यक्रम उसी दिन आयोजित करना आवश्यक था। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक जिला पंचायत प्रशासन अथवा जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जिला पंचायत से जुड़े कुछ निर्माण कार्य और निर्णय भी चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में नव निर्मित कार्यालय के उद्घाटन के दौरान सामने आया यह दृश्य लोगों के बीच जिज्ञासा और सवालों का कारण बन गया है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग उद्घाटन प्रक्रिया की तैयारी और गुणवत्ता पर प्रश्न उठा रहे हैं, जबकि अन्य लोग प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला पंचायत प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या पक्ष रखता है।





