
बस्ती (उ.प्र.)। जनपद के बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक क्षेत्र के कुढ़वा गांव निवासी राजदेव यादव (28) पुत्र राधेश्याम यादव की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
राजदेव अपने पीछे माता-पिता, एक बहन, पत्नी और मात्र चार माह के मासूम बेटे को छोड़ गए हैं। उनकी शादी भी हाल ही में हुई थी। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सबसे मार्मिक दृश्य चार माह के उस मासूम बेटे का है, जो अभी यह भी नहीं समझ पा रहा कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। राजदेव की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजाराम यादव ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोकाकुल परिवार में अपनी संवेदना व्यक्त किया।
होमगार्ड ने कर लिया नाबदान के रास्ते पर कब्जा, पीड़ित महिलाओं ने लगाया न्याय की गुहार : नाबदान बंद होने से बीमारी का खतराः व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है होमगार्ड
बस्ती। नाबदान के पानी के रास्ते पर होमगार्ड और उसके परिवार के द्वारा कब्जा कर नाली पाट लेने के कारण लोग परेशान हैं और विरोध करने पर मारपीट के साथ ही धमकियां दी जाती है। इस सम्बन्ध में शनिवार को वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के जिनवा निवासिनी तारा देवी पत्नी रामतीरथ और सुनीता पत्नी साजू ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सम्बन्धित उच्चाधिकारियों को पत्र देकर नाबदान का पानी खोलवाने और दोषियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाई की मांग किया है।

उच्चाधिकारियों को दिये पत्र में तारा देवी और सुनीता ने कहा है कि उनके के पट्टीदारान जयराम पुत्र रामलाल, रंजना पत्नी जयराम, चंदा पुत्री जयराम, एवं भरत पुत्र जयराम दबंगई के बल पर उनके घर से निकलने वाले नाबदान के पानी के रास्ते पर जबरन कब्जा कर नाली को पाट दिया गया है जिससे रास्ता बाधित होने के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पत्र में कहा गया है कि गत 14 मार्च को जब उसने नाबदान के सफाई का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने भद्दी-भद्दी गाली एवं मारने के लिये दौड़ा लिये एवं जयराम ने सुनीता की लज्जा भंग करने की कोशिश किया । जयराम पुत्र रामलाल पेशे से होमगार्ड होने केे कारण अपनी वर्दी की धौंस देता रहता है । वह आये दिन फर्जी मुकदमें में फंसवा देने की धमकी देता है। इस सम्बन्ध में कई बार थाने, उपजिलाधिकारी एवं मुख्यमंत्री को पत्र के द्वारा घटना की जानकारी दी गयी परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई । इससे उनका मनोबल बढ गया है। गत 16 मई को पुनः नाबदान के पानी को निकालने की कोशिश की गई तो उक्त लोग मार पीट पर उतारू हो गये। राजपति पत्नी रामछबीले के हाथ पर घर में घुस कर मारा जिसके कारण चोटें आयी और चार टाकें लगे हैं। इस कारण से उनका परिवार काफी डरा हुआ है । तारा देवी और सुनीता ने मांग किया है कि दोषियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई कर बंद नाली को खोलवाया जाय और उनके परिवार के जान माल की रक्षा कराया जाय।





