
बस्ती (उ.प्र.)। स्थानीय बस्ती सदर तहसील परिसर में एण्टी करप्शन टीम ने भूमि पैमाइश के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कानूनगो अशरफी लाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम को तहसील परिसर में कानूनगो को गिरफ्तार कर ले जाते समय कुछ लेखपालों और उनके सहयोगियों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। एण्टी करप्शन टीम ने कानूनगो के खिलाफ कार्यवाही करने के अलावा गिरफ्तारी के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और टीम का विरोध करने के आरोप में वहां मौजूद लेखपालों व अन्य के खिलाफ भी कोतवाली में मामला दर्ज कराया है।

एंटी करप्शन टीम को तहसील के एक अधिकारी एवं कानूनगो द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी हुई थी।अधिकारी वरासत के लिए एक व्यक्ति से पचास हजार की घूस मांग रहा था, वह तो टीम के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन कानूनगो अशरफी लाल दबोच लिए गए। शिकायतकर्ता आसमान सिंह निवासी सैफाबाद द्वारा दी गई जानकारी पर जाल बिछाते हुए टीम ने आरोपित को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही कानूनगो ने रिश्वत की दस हजार धनराशि स्वीकार की, एंटी करप्शन के निरीक्षक उदयप्रताप सिंह व उनकी टीम ने उसे धर दबोचा। पीड़ित से धारा 24 के तहत भूमि की पैमाइश के लिए रिश्वत मांगा गया था। राजस्व निरीक्षक अशरफी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही मौके पर मौजूद कुछ लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इन लेखपालों ने टीम के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और आरोपी कानूनगो को छुड़ाने का प्रयास किया। टीम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। इसके बाद, सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करने और बाधा डालने के आरोप में संलिप्त लेखपाल राजेश सिंह व उनके साथियों के खिलाफ भी सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इस घटना के संबंध में सीओ सिटी सत्येन्द्र भूषण तिवारी ने बताया कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। कानूनगो की गिरफ्तारी के बाद अब आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, टीम के कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उनके विरुद्ध सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षक संघ की बैठक में गूंजा टेट व पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा
बस्ती। प्रेस क्लब सभागार में आज उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ की बैठक जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में वर्ष 2006 में अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत, एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल किये जाने, टेट की अनिवार्यता समाप्त कराये जाने के साथ ही स्थानीय शिक्षक समस्याओं के निराकरण कराये जाने पर विचार किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक लखपत सिंह, उदयभान सिंह, धर्मराज यादव, देवमणि वर्मा, चिन्तामणि उपाध्याय, शिवनवल चौधरी, गंगराम वर्मा, सीताराम को अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को सम्बोधित करते हुये संघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री वागीश दत्त पाण्डेय ने कहा कि अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक घोर उपेक्षा के शिकार है और उन्हें अपना अधिकार तक नहीं मिल पा रहा है। संघ की मांगों को सरकार लगातार अनसुनी कर रही है ऐसे में एकजुटता और संघर्ष से ही समसयाओं का हल निकलेगा।

बैठक में वीरेन्द्र कुमार मिश्र, लखपत सिंह, उदयभान सिंह, गोपीनाथ मिश्र, विजय सिंह, धर्मराज यादव, राजेन्द्र प्रसाद दूबे, धर्मराज चौधरी, चिन्तामणि आदि ने सम्बोधित करते हुये बिन्दुवार शिक्षक समस्याओं को रखा और जोर दिया कि अधिकार के लिये संघर्ष तेज करते हुये सरकार पर नीतिगत दबाव बनाया जाय। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि टेट प्रकरण पर सरकार की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिये सजग रहना होगा। संचालन करते हुये विनोद कुमार मिश्र ने शिक्षकों की समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ की बैठक में मुख्य रूप से राम मूर्ति यादव, देवेन्द्र कुमार शुक्ल, मानसिंह, रामतीरथ यादव, भानु प्रताप शुक्ल, रामनरेश, राममूर्ति वर्मा, परशुराम निषाद, विजय बहादुर सिंह, वृजेश कुमार सिंह, डॉ. राजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।





