
मिर्जापुर (उ.प्र.)। रीवा – मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में बोलेरो में सवार एक ही परिवार के 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब एक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और उसने आगे जा रही बोलेरो में भयंकर टक्कर मार दी। जिससे बोलेरो में आग लग गई। आग इतनी विस्फोटक थी कि देखते ही नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। 2 अन्य की मौत एक्सीडेंट से हुई। पूरा परिवार सात साल के बच्चे शिवा का मुण्डन मैहर देवी से कराकर घर लौट रहा था।
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यूपी के मिर्जापुर में 22/23 अप्रैल बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें बोलेरो में सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा देर रात 9.30 बजे रीवा-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर हुआ। सभी लोग मध्य प्रदेश के मैहर से बच्चे का मुंडन करवाकर यूपी लौट रहे थे कि हादसे का शिकार हो गए। पुलिस के मुताबिक एक तेज रफ्तार ट्रक के अचानक ब्रेक फेल हो गए। जिससे वह बेकाबू हो गया और आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां आगे चल रहे एक ट्राले से जा टकराईं।

रफ्तार तेज होने की वजह से टक्कर के बाद बोलेरो उछली और तेज धमाके के साथ उसमें आग लग गई। जबकि स्विफ्ट कार ट्रक और ट्रॉले के बीच में फंस गई। बोलेरो में लगी आग इतनी भीषण थी कि बोलेरो सवार 9 लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए वह चीखते चिल्लाते रहे। लेकिन अचानक आग लगने के कारण बाहर नहीं निकल सके। एक ही परिवार के 8 लोग और एक ड्राइवर था, सभी कार के साथ जिंदा जल गए।

बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना के नरैना गांव मिर्जापुर के रहने वाले थे। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू किया।
भारत मुक्ति मोर्चा ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली पद यात्रा, जातिगत जनगणना में ओबीसी जातियों का कालम जोडा जाय- आर.के. आरतियन
बस्ती (उ.प्र.)। भारत मुक्ति मोर्चा केे राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम के आवाहन पर 23 अप्रैल बुधवार को 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित भारत बंद की कड़ी में मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामऔतार पासवान, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग के जिला प्रभारी राम सुमेर यादव के संयोजन में जिलाधिकारी कार्यालय तक पद यात्रा निकाली गई।

3 सूत्रीय मांगों में केन्द्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला करने के बावजूद भी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों कॉलम नहीं दिये जाने, घोषित करने के बाद भी ओबीसी के जाति के कॉलम को ना दिया जाना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए इस साल से होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का एवं जाति का कॉलम बढ़ाये जाने, पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाना और फिर सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी करके उस पर भी रोक लगवाना एससी-एसटी ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। एससी-एसटी ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर लागू किया जाए। 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त किये जाने आदि की मांग शामिल है।

मोर्चा के जोन प्रभारी आर.के. आरतियन ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती आन्दोलन जारी रहेगा। कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों कॉलम जोड़ा जाय। बहुजन मुक्ति पार्टी के मण्डल अध्यक्ष हृदय गौतम ने कहा कि जातिगत जनगणना को सरकार पूरा कराये। कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने के साथ साथ लोकतंत्र पर भी खतरा मड़रा रहा है। सरकार मांगों पर विचार कर समस्याओं का निस्तारण कराये। बुद्धेश राना, अमरजीत आर्य, सरिता भारती, मो. अजीम, वीरेन्द्र, रालमती, सुग्रीव चौधरी, भन्ते प्रज्ञानन्द आदि ने कहा कि सरकार मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान कराये।





