
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज ‘घूसकोर पंडत’ के डायरेक्टर और टीम पर एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई है। आरोप है कि कि फिल्म में धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचने की कोशिश की गई है। लखनऊ कमिशनरेट का कहना है कि समुदाय की भावना को आहत करने और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ पुलिस कमिशनरेट की तरफ से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ हजरतगंज थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑर्डर के बाद ये कदम उठाया गया है। आरोप है कि फिल्म समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने का प्रयास कर रही है। इसी के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि फिल्म का टाइटल एक खास समुदाय/जाति (ब्राह्मण) को टारगेट करके अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है। फिल्म के नाम और कंटेंट को लेकर ब्राह्मण समाज और कई सामाजिक संगठनों में भारी गुस्सा है। उन्होंने इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। साथ ही पहले देखरर तो यही लगता है कि डायरेक्टर और उनकी टीम ने समाज में शांति भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के मकसद से इस कंटेंट को रिलीज किया है।





