
बस्ती (उ.प्र.)। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब सड़क पर पहुंच गया है। हाल ही में एआईएमआईएम कार्यकर्ता अजफरूलहक उर्फ प्रिंस और विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के बीच चल रहे इस विवाद ने आज गंभीर रूप ले लिया। दोनों पक्षों की ओर से तीखी बयानबाजी और धमकी भरे वीडियो सामने आने के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई।

विश्व हिंदू महासंघ ने चौकी घेर लिया। दो घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। प्रिंस की गिरफ्तारी पर अड़ रहे। एएसपी श्याम कांत ने चौकी के अंदर हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को समझाया, तब जाकर वे माने। विवाद की शुरुआत तब हुई जब भदेश्वरनाथ निवासी एक व्यक्ति के साथ विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह कोतवाली पहुंचे। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने एआईएमआईएम नेता प्रिंस सहित अन्य के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में नाम आने के बाद प्रिंस ने फेसबुक पर लाइव आकर इसे फर्जी मुकदमा बताया। उन्होंने दावा किया कि वे शिकायतकर्ता को नहीं जानते और उनके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है। इस लाइव वीडियो में उन्होंने अखिलेश सिंह पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की। इसके जवाब में अखिलेश सिंह ने लगभग 43 मिनट का एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ हिंदुत्व के लिए काम करता है और संगठन से जुड़ने वाले को संघर्ष के लिए तैयार रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू संगठनों से समस्या रखने वालों को स्पष्ट संदेश देना आवश्यक है। वीडियो में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से माहौल और गरमा गया। महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि एआईएमआईएम नेता प्रिंस सहित अन्य के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय। पुलिस ने एहतियात के तौर पर चौकी और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।





