
बस्ती (उ. प्र.)। अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीय नाविकों की मौत के विरोध में वाम मोर्चा के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भाकपा माले के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, बस्ती के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में भारत सरकार से घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराने, मृतक नाविकों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सहायता उपलब्ध कराने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक प्रयास से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई।

ज्ञापन सौंपने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) के जिला सचिव शेष्मणि ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती सैन्य आक्रामकता और साम्राज्यवादी हस्तक्षेप के कारण निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है। भारत सरकार को इस मामले में मौन रहने के बजाय अमेरिकी प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए और मृतक भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। भाकपा के जिला सचिव अशर्फीलाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों के जीवन और सम्मान की रक्षा करना सरकार का दायित्व है और इस मामले में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
सीपीआई माले के जिला संयोजक राम लौट ने साम्राज्यवादी नीतियो को विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। वाम मोर्चा के नेताओ में माकपा के पूर्व जिला सचिवों राम गढ़ी चौधरी,के के तिवारी सहित राम दयाल,नवनीत यादव,नरसिंह भारद्वाज, धीरज सिंह,शिव चरण निषाद,राम केश,विजेंदर,शंकर दस, बिफई ,राम अंजोर, मिसलावती ,सरोज आदि शामिल रहे।





