
बस्ती (सू.वि.उ.प्र.)। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक संचालित ‘‘सेवा संस्कार, सुशासन एवं सम्मान’’ थीम आधारित समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत हर्रैया ब्लाक के पुरैना खास गांव में रात्रिकालीन चौपाल का आयोजन किया गया।

चौपाल कार्यक्रम जनप्रतिनिधिगणों एवं प्रशासन की सहभागिता से आम जन को जागरूक करते हुए शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु आयोजित किया गया। विधायक प्रतिनिधि हर्रैया सरोज मिश्र, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि हर्रैया योगेन्द्र सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष गौरव त्रिपाठी, प्रशासनिक अधिकारियों में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. राजीव निगम, डीएसओ विमल कुमार शुक्ल, सीवीओ अरूण गुप्ता, डीएचओ अरूण त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, डीपीओ आईसीडीएस राजेश कुमार, डीपीआरओ घनश्याम सागर, बीएसए अनूप कुमार तिवारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता, बीडीओ हर्रैया सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
विभागीय अधिकारियों ने शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से चौपाल में उपस्थित लोगों को बताया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम जनमानस को पात्रता के आधार पर चयनित कर संतृप्त किया जा रहा है। संचालित विभागीय योजनाओं में संस्थागत सुरक्षित प्रसव, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड चिकित्सा, दवाएं, पात्र गृहस्थी कार्ड, पीएम सूर्य घर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन, जीरामजी रोजगार, श्रम, उद्यम, हस्तकौशल विकास, कृषि, बागवानी, शिक्षा सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यक्रम का संचालन डीसी मनरेगा संजय शर्मा ने किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष के द्वारा विभाग से संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान मो0 सलीम तथा सचिव ने ग्रामवासियों को उत्साहपूर्वक प्रेरित करते हुए चौपाल में प्रतिभाग कराया।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
बस्ती। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मण्डल उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राम सुमेर यादव ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। मांग किया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्य प्रणाली की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराते हुये वैधानिक कार्यवाही की जाय।
राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा सुशासन की भावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुप कुमार के विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करायी जाय।
शिकायतकर्ताओं द्वारा आरोप लगाया गया है कि विभागीय कार्यों में कथित रूप से अनियमितताओं, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग, षड्यंत्रपूर्ण गतिविधियों तथा शिक्षकों के उत्त्पीड़न जैसी गंभीर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन आरोपों के कारण शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निष्पक्षता एवं जनविश्वास प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
ज्ञापन के द्वारा मांग किया गया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यकाल के दौरान हुए समस्त कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनैतिक धन-संग्रह, पद के दुरुपयोग, प्रशासनिक अनियमितताओं तथा शिक्षकों के उत्पीड़न से संबंधित मामलों की किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सके। बीएसए और इनके सहयागी व्यक्ति की आय से अधिक चल एवं अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जॉच में दोषी पाये जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं इनके सहयागी व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कराया जाय जिससे शासन की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति का पालन सुनिश्चित हो सके। शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता क लिये यह आवश्यक है। ज्ञापन देने के दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राम सुमेर यादव के साथ पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





