
बस्ती (उ.प्र.)। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर आज महुआ डाबर संग्रहालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन कर अपने गौरवशाली अतीत के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राणा ने आगंतुकों को संग्रहालय में रखे ऐतिहासिक-सांस्कृतिक दस्तावेजों, पुराने औजारों, दुर्लभ सिक्कों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी अन्य वस्तुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 से संग्रहालय आजादी की लड़ाई से जुड़ी विरासत के संरक्षण और जन-जागरूकता के लिए कार्यरत है।

डॉ. राणा ने कहा, “विश्व धरोहर दिवस हमें साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और अगली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की सामूहिक जिम्मेदारी याद दिलाता है।” कार्यक्रम में 1857 के महुआ डाबर एक्शन से जुड़े ऐतिहासिक और प्रामाणिक दस्तावेज दिखाए गए। खंडहर हो चुके अवशेषों के बारे में बताकर उनका महत्व समझाया गया। स्थानीय बुजुर्गों ने आजादी के आंदोलन से जुड़े अपने संस्मरण भी साझा किए। उल्लेखनीय है कि 10 जून 1857 को महुआ डाबर में महानायक जफर अली ने अपने साथियों के साथ 6 ब्रिटिश अधिकारियों को मार गिराया था। इसके बाद अंग्रेजों ने पांच हजार की आबादी वाले महुआ डाबर को गैरचिरागी घोषित कर दिया था।
जेसीबी लगाकर ढहा दिये गये दलितों के मकानः ग्रामीणों में आक्रोश
बस्ती। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में प्रशासन द्वारा दलित का मकान जे.सी.बी. से पुलिस की मौजूदगी में ढहा दिया गया है। परिवार के लोग पड़ोसियों या खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर है। मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई न होने से लोगों में आका्रेश है।

मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के निवासी दलित राम अवध पुत्र गोबरी, राजेन्द्र पुत्र राम वेलास, प्रेमसागर, रामदीन पुत्रगण रामफेर के कच्चे-पक्के मकान को न्यायालय के निर्णय की अवमानना करते पूर्व ग्राम प्रधान भू-माफिया अब्दुल वहीद की शह पर पुलिस बल और की मौजूदगी में जे.सी.बी. लगाकर ध्वस्त करा दिया गया। इसे लेकर नागरिकों में रोष है। हिन्दू युवा वाहिनी जिला आई.टी. सेल संयोजक धर्मेन्द्र कुमार के साथ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने मण्डलायुक्त को पत्र देकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग किया गया था। वाहिनी पदाधिकारी लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं किन्तु अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

उच्चाधिकारियों को दिये पत्र में कहा गया है कि लेखपाल वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार, दारोगा और पुलिस कर्मियों ने गत 13 अप्रैल को जिलाधिकारी और उच्च न्यायालय के निर्णय की अवमानना करते हुये दलितों के कच्चे-पक्के मकान को ध्वस्त करा दिया। उक्त लोगों ने गाटा संख्या 611 में गांव के ही अप्पू, सुभाष, बब्लू पुत्रगण मुन्नीलाल का अवैध छप्पर रखवा दिया। मांग किया कि दोषियों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर दलितों को घर बनवाकर दिया जाय।

हिन्दू युवा वाहिनी जिला आई.टी. सेल संयोजक धर्मेन्द्र कुमार ने कहा है कि दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई के साथ दलितों को मकान फिर से न बनवाया गया तो प्रकरण को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाया जायेगा। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के रामपुर के नागरिकों ने बताया कि गांव में पूर्व ग्राम प्रधान भू-माफिया अब्दुल वहीद का गरीबों में खौफ है और वह बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाने से भी रोकता है। रामपुर गांव के राम अवध, राजेन्द्र, इन्दल, हरिभरन, प्रेम सागर, रामदीन, ुसुनील, प्रमेश, उर्मिला, शान्ती, शीला, कमलावती, मंजू, गुडिया, शुमंत्री, नीलू, चन्द्रावती, सरिता, वेदकला, सीमा, विमला देवी आदि ने प्रशासन से मांग किया है कि दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई कर जिन लोगों के घर जेसीबी लगाकार ढहाये गये हैं उनका मकान निर्माण कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय।





