
प्रयागराज। प्रयागराज में बीती शाम ट्रेन से कटकर 5 युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। इनमें तीन की शिनाख्त हो सकी है। बाकी के लिए प्रयास जारी है। यहां दिल्ली – हावड़ा रेल लाइन पर पचदेवरा हाल्ट पर एक व्यक्ति चलती कालका एक्सप्रेस ट्रेन से गिर गया। पहियों के नीचे आने से वह कट गया और उसकी जान चली गई। इस हादसे के बाद यात्रियों ने चेन पुलिंग कर कालका एक्सप्रेस को रोक दिया। ट्रेन में बैठे कुछ यात्री नीचे उतर आए। तभी दूसरी दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आ गई, जिसकी चपेट में आने से 4 और लोग कट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि यात्रियों के शरीर टुकड़ों में कट गए थे और रेलवे लाइन पर करीब 30 मीटर तक खून ही खून था। पुलिसकर्मियों ने टुकड़ों को बटोरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रयागराज के करछना स्थित पचदेवरा में 15 अप्रैल बुधवार को यह दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ। कालका एक्सप्रेस से उतरने के बाद पटरी पर मौजूद चार युवकों की दूसरी दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। रेलवे की ओर से भी मामले की जांच कराई जा रही है। पुलिस, जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। 15 अप्रैल बुधवार की शाम करीब सवा छ: बजे कालका एक्सप्रेस के लोको पायलट ने पचदेवरा गांव के पास पटरी पर एक युवक की लाश देखकर ट्रेन रोक दी। उसने कंट्रोल रूम को सूचना दी। ट्रेन के ठहरने पर उसमें सवार कई यात्री नीचे उतर गए। चार युवक पटरी पर मौजूद थे। तभी कालका एक्सप्रेस का हार्न बजा तो पटरी पर मौजूद युवक चढ़ने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान दूसरी दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आ गई। उसकी चपेट में आने से चार अन्य युवकों की भी मौत हो गई। घटना से वहां अफरातफरी मच गई। पांच युवकों की मौत से ट्रेन का आवागमन भी प्रभावित हो गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डा. अजय पाल शर्मा, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव, एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन सभी शवों को ट्रैक से हटवाकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मरने वाले सिवान बिहार निवासी 36 वर्षीय बलिराम भगत, फिरोजाबाद के खैरगढ़ पृथ्वीपुर के 19 वर्षीय आकाश पुत्र गिरिराज, मीरजापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नीबी बिसुंदपुर गांव के 20 वर्षीय सुनील कुमार पुत्र संतलाल की पहचान हो गई है। दो मृतकों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। बलिराम भगत की लाश ट्रैक पर मिली थी, जिसे देखकर लोको पायलट ने ट्रेन रोकी थी। जबकि सुनील, आकाश समेत चार लोग ट्रेन रुकने पर नीचे उतर गए थे। हालांकि, वह नीचे क्यों उतरे थे, यह साफ नहीं हो सका है।

कुछ यात्रियों ने कहा कि चार युवक लघुशंका करने के लिए उतरे थे, जबकि कुछ ने शव देखने के लिए उतरने की बात कही। अभी तक यह भी साफ नहीं हो सका है कि बिहार निवासी बलिराम की मौत किस ट्रेन की चपेट में आने से कैसे हुई थी। उधर, बेटे आकाश के साथ सफर कर रही मां सीता देवी रोती-बिलखती रही। उसने बताया कि कोलकाता में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे।

डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव ने बताया कि पचदेवरा में मेन रन ओवर पर कालका एक्सप्रेस रुकी थी। तभी चार यात्री ट्रेन से नीचे उतरकर पटरी पर पहुंच गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आई, जिसकी चपेट में आने से चार की मौत हो गई। घटना स्थल पर एक व्यक्ति ट्रेन से कट गया था। इस कारण से ट्रेन रुकी हुई थी। तभी कुछ यात्री दूसरी लाइन चले गए थे। इसी दौरान पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हुई। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने कहा कि हादसे में कुल पांच लोगों की जान गई है। हादसे की जांच की जा रही है। अगर कोई आपराधिक बिंदु पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।





